नई दिल्ली: मध्य प्रदेश के बालाघाट में आदिवासी बच्चों की मौत का मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है। गुरुवार को कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने प्रभावित इलाकों का दौरा कर मृत बच्चों के परिजनों से मुलाकात की। इसके बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने आदिवासी समुदाय की स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार से जुड़ी समस्याओं को लेकर मध्य प्रदेश सरकार पर निशाना साधा।

राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि आदिवासी इलाकों में सरकार की बुनियादी सेवाएं लोगों तक नहीं पहुंच रही हैं। उन्होंने कहा कि बीमारी और कुपोषण के कारण कई बच्चों की मौत हुई है और प्रभावित परिवारों को स्वास्थ्य सुविधाओं के साथ-साथ शिक्षा, रोजगार और अपने अधिकारों के लिए भी संघर्ष करना पड़ रहा है।

सरकार की जिम्मेदारी पूरी तरह गायब
राहुल गांधी ने कहा कि आदिवासी परिवारों के लिए अस्पताल और स्कूल जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि जमीन, मनरेगा, वन अधिकार कानून और जमीन के अधिकार से जुड़े कई मामले अभी भी लंबित हैं। उन्होंने सरकार से इन मुद्दों पर कार्रवाई करने और आदिवासी समुदाय को उसका हक दिलाने की मांग की। राहुल गांधी ने यह भी कहा कि विपक्ष और कांग्रेस प्रभावित लोगों की आवाज उठाएंगे।

यह 100 फीसदी सरकारी फेलियर है
राहुल गांधी ने बालाघाट की स्थिति को मध्य प्रदेश में '100 फीसदी सरकारी फेलियर' बताया। उन्होंने कहा कि वह इस पूरे मामले को लोकसभा में उठाएंगे और केवल बालाघाट ही नहीं, बल्कि देशभर के आदिवासी समुदाय से जुड़े मुद्दों को संसद में उठाने की बात कही। उन्होंने कहा कि अगर कांग्रेस की सरकार आती है तो आदिवासी समुदाय की समस्याओं को दूर करने के लिए मदद की जाएगी। यह कांग्रेस नेता का राजनीतिक आश्वासन है, जबकि मौजूदा सरकार पर लगाए गए उनके आरोपों को आरोप के रूप में ही देखा जाना चाहिए।

30 से ज्यादा बच्चों की मौत की रिपोर्ट
बालाघाट के आदिवासी बहुल इलाकों में जून-जुलाई से बच्चों की मौतों की रिपोर्ट सामने आती रही है। विभिन्न रिपोर्टों में मृतकों की संख्या 30 से अधिक बताई गई है। हालांकि, मौतों की संख्या और उनके कारणों को लेकर अलग-अलग चरणों में सरकारी आकलन सामने आए हैं। केंद्र की जांच से जुड़ी रिपोर्टों के मुताबिक, मौतों के पीछे किसी एक बीमारी या संक्रमण को जिम्मेदार नहीं पाया गया। जांच में खसरा, मलेरिया, खसरा-मलेरिया का सह-संक्रमण, सांस लेने में गंभीर परेशानी, डिहाइड्रेशन, कुपोषण, एनीमिया और शॉक जैसी कई चिकित्सकीय स्थितियां सामने आई हैं।

लोकसभा में उठाएंगे आदिवासियों का मुद्दा
राहुल गांधी ने कहा कि बालाघाट के लोगों की समस्याओं को वह संसद में उठाएंगे। उन्होंने स्वास्थ्य और शिक्षा के साथ आदिवासी जमीन, मनरेगा और वन अधिकार कानून से जुड़े मामलों पर भी सरकार से जवाबदेही तय करने की मांग की। बालाघाट में बच्चों की मौत को लेकर राज्य सरकार और विपक्ष के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप भी जारी हैं। वहीं, मामले की स्वास्थ्य संबंधी जांच और प्रभावित इलाकों में चिकित्सा सेवाओं को लेकर सरकारी कार्रवाई पर भी नजर बनी हुई है।