Aaj Ka Mausam 7 September 2026: उत्तर भारत में बारिश का सिलसिला अभी थमता नजर नहीं आ रहा है। दिल्ली-NCR से लेकर उत्तर प्रदेश, बिहार, उत्तराखंड और हिमाचल तक मौसम अगले कई दिनों तक करवट बदलता रहेगा। मौसम विभाग ने अगले सप्ताह के लिए कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान जताया है। कुछ जगहों पर गरज-चमक के साथ तेज हवाएं भी परेशानी बढ़ा सकती हैं।

सबसे ज्यादा चिंता उत्तराखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश को लेकर है। यहां भारी से बहुत भारी बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव के साथ पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और नदियों-नालों का जलस्तर बढ़ने का खतरा बना हुआ है।वहीं बिहार में पहले से बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। ऐसे में आने वाले दिनों की बारिश कई इलाकों के लिए मुश्किलें और बढ़ा सकती है।

दिल्ली-UP से बिहार तक क्या रहेगा मौसम का हाल?

IMD के पूर्वानुमान के मुताबिक, दक्षिण-पश्चिमी उत्तर प्रदेश और आसपास बना निम्न दबाव क्षेत्र बारिश को सक्रिय रखने में अहम भूमिका निभा रहा है। इसके असर से उत्तराखंड और पश्चिमी यूपी में कुछ जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है।पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बारिश का दौर व्यापक रहने की संभावना है, जबकि पूर्वी यूपी में भी आने वाले दिनों में कई स्थानों पर बारिश जारी रह सकती है।दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़, पंजाब और हिमाचल प्रदेश में भी कुछ इलाकों में भारी बारिश देखने को मिल सकती है।

उत्तराखंड में फिर बढ़ सकती है परेशानी

पहाड़ी राज्यों में लगातार बारिश का असर ज्यादा गंभीर हो सकता है। उत्तराखंड में 7 सितंबर को गरज-चमक और बिजली के साथ कई इलाकों में बारिश की संभावना है। इसके बाद 10 से 12 सितंबर के बीच भी बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं।लगातार बारिश होने पर पहाड़ों में सड़कें प्रभावित होने, भूस्खलन और स्थानीय नदियों-नालों का जलस्तर बढ़ने जैसी स्थिति बन सकती है।यात्रा करने वालों को मौसम और स्थानीय प्रशासन की सलाह पर नजर रखने की जरूरत होगी।

बिहार में बाढ़ के बीच फिर बारिश की चिंता

बिहार में पहले से कई नदियों का जलस्तर बढ़ा हुआ है। नेपाल से आने वाले पानी और लगातार बारिश की वजह से गंगा, पुनपुन और गंडक जैसी नदियों के आसपास के इलाकों में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है।मौसम विभाग के अनुसार बिहार में 6 से 8 सितंबर के बीच भारी बारिश की संभावना है। 7 सितंबर को राज्य में व्यापक बारिश भी हो सकती है।ऐसे में बाढ़ प्रभावित इलाकों के लिए अगले कुछ दिन अहम रहने वाले हैं। बारिश होने पर जलस्तर और जलभराव की समस्या बढ़ सकती है।

झारखंड, बंगाल और ओडिशा भी बारिश से अछूते नहीं

पूर्वी भारत में भी मौसम सक्रिय रहने वाला है। झारखंड में 8 से 11 सितंबर के दौरान व्यापक बारिश की संभावना है। पश्चिम बंगाल के गंगा वाले हिस्सों में 7 से 10 सितंबर के बीच बारिश का दौर बना रह सकता है।ओडिशा में 9 से 12 सितंबर तक बारिश की गतिविधियां बढ़ने का अनुमान है। पश्चिम बंगाल और सिक्किम के कुछ इलाकों में भी भारी बारिश का अलर्ट है।बिहार और गंगीय पश्चिम बंगाल में कुछ इलाकों में बिजली गिरने और गरज-चमक की घटनाओं को लेकर भी सावधानी बरतने की जरूरत है।

मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में भी एक्टिव रहेगा मानसून

मध्य भारत में भी बारिश की रफ्तार कम होने वाली नहीं है। पश्चिमी मध्य प्रदेश में 7 सितंबर को कई इलाकों में बारिश और गरज-चमक की संभावना है।पूर्वी मध्य प्रदेश में 8 सितंबर और फिर 11-12 सितंबर के आसपास बारिश बढ़ सकती है। छत्तीसगढ़ में 8 से 12 सितंबर के बीच बारिश का दौर सक्रिय रहने की संभावना है।विदर्भ में भी 10 से 12 सितंबर के दौरान कई इलाकों में बारिश हो सकती है।

पूर्वोत्तर में 12 सितंबर तक बारिश का असर

पूर्वोत्तर भारत के राज्यों में भी अगले सप्ताह मौसम सक्रिय रहेगा। अरुणाचल प्रदेश में 7 से 12 सितंबर तक कई जगह बारिश हो सकती है।असम और मेघालय में 8 सितंबर तथा 11-12 सितंबर को बारिश की गतिविधियां बढ़ने का अनुमान है। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी 12 सितंबर तक कई इलाकों में बारिश जारी रह सकती है।कुछ जगहों पर भारी बारिश के साथ गरज-चमक और बिजली गिरने का खतरा भी रहेगा।

पश्चिमी तट पर बारिश, दक्षिण भारत में राहत

कोंकण और गोवा में 12 सितंबर तक बारिश का दौर बना रह सकता है। गुजरात, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा और सौराष्ट्र-कच्छ में भी अलग-अलग इलाकों में बारिश की संभावना है।दक्षिण भारत में अगले 6-7 दिनों के दौरान मानसून की गतिविधियां अपेक्षाकृत कमजोर रहने का अनुमान है। हालांकि तमिलनाडु, पुडुचेरी, तटीय आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक और केरल के कुछ हिस्सों में बारिश हो सकती है।तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। वहीं तटीय आंध्र प्रदेश और यनम में 11-12 सितंबर को भारी बारिश हो सकती है।

60 KM प्रति घंटे तक पहुंच सकती है हवा की रफ्तार

कुछ इलाकों में बारिश के साथ तेज हवाएं भी परेशानी बढ़ा सकती हैं। तमिलनाडु, पुडुचेरी और तेलंगाना में हवाओं की रफ्तार 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे तक रहने और झोंके करीब 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने का अनुमान है।तटीय आंध्र प्रदेश और रायलसीमा में भी 7 सितंबर को तेज हवाओं के साथ गरज-चमक हो सकती है।ध्यान देने वाली बात यह है कि तेज हवाओं को ‘बवंडर’ कहना सही नहीं होगा। यहां मौसम विभाग का पूर्वानुमान तेज हवा और उसके झोंकों का है, न कि हर जगह बवंडर आने का।

अगले 7 दिन क्यों महत्वपूर्ण हैं?

उत्तर भारत में बारिश, पहाड़ों में संभावित भूस्खलन और बिहार में पहले से बनी बाढ़ की स्थिति को देखते हुए अगले कुछ दिन कई राज्यों के लिए महत्वपूर्ण हैं।खासकर उत्तराखंड, पश्चिमी यूपी और बिहार में स्थानीय प्रशासन की चेतावनियों पर नजर रखना जरूरी होगा। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को जलभराव वाले रास्तों से बचना चाहिए और पहाड़ी क्षेत्रों में मौसम खराब होने पर अनावश्यक यात्रा से बचना बेहतर रहेगा।फिलहाल मानसून की गतिविधियां देश के बड़े हिस्से में सक्रिय हैं और IMD के पूर्वानुमान के मुताबिक 12 सितंबर तक कई राज्यों में बारिश का दौर अलग-अलग तीव्रता के साथ जारी रह सकता है।