भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) गुवाहाटी के डिजाइन विभाग और एमआईटी इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन, पुणे के संयुक्त तत्वावधान में इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस ऑन डिजाइन एंड इनोवेशन स्टडीज (INDIS 2026) का पहला वर्जन 28 से 30 सितंबर तक आईआईटी गुवाहाटी परिसर में आयोजित किया गया। तीन दिवसीय सम्मेलन में भारत सहित विभिन्न देशों के शोधकर्ताओं, डिजाइन विशेषज्ञों, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों, नीति निर्माताओं, उद्यमियों और डिजाइन लीडर्स ने हिस्सा लिया।

सम्मेलन का आयोजन एशिया डिजाइन वीक के साथ किया गया। यह पहली बार था जब अंतरराष्ट्रीय डिजाइन प्लेटफॉर्म एशिया डिजाइन वीक का भारत वर्जन आयोजित हुआ। दोनों आयोजनों के संयुक्त कार्यक्रम ने डिजाइन और रचनात्मक उद्योगों के क्षेत्र में अकादमिक विमर्श, शोध प्रस्तुतियों, प्रदर्शनियों, उद्योग सहभागिता और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के लिए एक बहुआयामी मंच उपलब्ध कराया।

शिक्षा में रचनात्मकता को बढ़ावा देने पर जोर

उद्घाटन समारोह में असम के शिक्षा, प्लेन ट्राइब्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. रानोज पेगू मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। वहीं, पाबन कुमार बोरठाकुर, आईएएस (सेवानिवृत्त), अध्यक्ष, RERA असम और असम सरकार के पूर्व मुख्य सचिव, सम्मेलन में विशिष्ट अतिथि रहे।

अपने संबोधन में डॉ. रानोज पेगू ने कहा कि रचनात्मकता को स्कूली स्तर से ही विद्यार्थियों में विकसित किया जाना चाहिए, ताकि उनमें नवाचार की क्षमता बढ़े, उन्होंने कहा कि सामाजिक-आर्थिक विकास में नवाचार की महत्वपूर्ण भूमिका है और आईआईटी गुवाहाटी का डिजाइन विभाग शोध एवं विकास के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य कर रहा है।

डिजाइन, तकनीक और समावेशी नवाचार पर चर्चा

INDIS 2026 को डिजाइन, तकनीक और समावेशी नवाचार के बीच संबंधों पर शोध और व्यावहारिक विमर्श के लिए एक अकादमिक मंच के रूप में विकसित किया गया। सम्मेलन में इस बात पर चर्चा हुई कि डिजाइन पद्धतियों और नवाचार प्रणालियों के माध्यम से जटिल सामाजिक चुनौतियों के लिए अधिक सुलभ, समावेशी और टिकाऊ समाधान किस तरह विकसित किए जा सकते हैं।

आईआईटी गुवाहाटी के निदेशक प्रो. देवेंद्र जलीहाल ने उद्घाटन सत्र में डिजाइन और नवाचार के क्षेत्र में संस्थान के प्रयासों की सराहना की, उन्होंने असम और देश में डिजाइन आधारित शोध एवं नवाचार को आगे बढ़ाने में डिजाइन विभाग की भूमिका को रेखांकित किया।

81 शोधपत्र चार समानांतर सत्रों में प्रस्तुत

सम्मेलन अध्यक्ष एवं आईआईटी गुवाहाटी के डिजाइन विभागाध्यक्ष प्रो. प्रातुल चंद्र कलिता ने बताया कि सम्मेलन को लेखकों और शोधकर्ताओं से व्यापक प्रतिक्रिया मिली, उन्होंने कहा कि कुल 81 शोधपत्र चार समानांतर सत्रों में प्रस्तुत किए गए। इनकी कार्यवाही Taylor & Francis द्वारा प्रकाशित की जाएगी। इसके अलावा 40 शॉर्ट पेपर प्रस्तुत किए गए और Bloomsbury द्वारा प्रकाशित किए गए। Asia Design Week के तहत 100 प्रविष्टियों को प्रदर्शित किया गया।

कई क्षेत्रों में हुआ व्यापक अकादमिक विमर्श

तीन दिवसीय सम्मेलन में मुख्य व्याख्यान, शोध प्रस्तुतियां, पैनल चर्चा, पोस्टर प्रस्तुतियां, प्रदर्शनियां तथा उद्योग-अकादमिक संवाद आयोजित किए गए। इनमें मानव-केंद्रित डिजाइन, डिजाइन मेथड्स एवं टूल्स, डिजिटल सर्विस सिस्टम, सार्वजनिक क्षेत्र में नवाचार, तकनीक आधारित समावेशन और उभरती डिजिटल तकनीकों जैसे विषय प्रमुख रहे।

इसके साथ ही कम्युनिकेशन एवं विजुअल डिजाइन, प्रोडक्ट एवं इंडस्ट्रियल डिजाइन, ट्रांसपोर्टेशन एवं मोबिलिटी डिजाइन, स्पेस एवं एनवायरनमेंटल डिजाइन, ह्यूमन फैक्टर्स एवं एर्गोनॉमिक्स, यूजर एक्सपीरियंस डिजाइन और डिजाइन शिक्षा जैसे क्षेत्रों पर भी चर्चा हुई।

सम्मेलन में एआई आधारित कम्प्यूटेशनल डिजाइन, फ्रूगल एवं बायो-इंस्पायर्ड इनोवेशन, प्रोडक्ट-सर्विस-सिस्टम डिजाइन, डिजाइन उद्यमिता और तकनीक-मध्यस्थित डिजाइन प्रथाओं** जैसे उभरते विषयों को भी शामिल किया गया।

देश-विदेश के विशेषज्ञों ने दिए मुख्य व्याख्यान

INDIS 2026 में अंतरराष्ट्रीय और भारतीय अकादमिक जगत, रचनात्मक उद्योग और कॉरपोरेट क्षेत्र के कई विशेषज्ञों ने मुख्य व्याख्यान दिए। इनमें इलिनोइस इंस्टीट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी के Institute of Design के Charles L. Owen Endowed Chair in Design एवं प्रोफ़ेसर एमेरिटस प्रो. विजय कुमार, Northumbria University के School of Design, Arts and Creative Industries के प्रो. फिलिप कैश, सत्यजीत रे फ़िल्म एंड टेलीविज़न इंस्टीट्यूट, कोलकाता के पूर्व संस्थापक प्रमुख एवं प्रोफेसर प्रो. प्रकाश मूर्ति शामिल रहे।

इसके अलावा Boston Consulting Group (BCG) के Managing Director एवं Senior Partner निशांत गुप्ता ने उद्योग और रणनीति के दृष्टिकोण से नवाचार एवं डिजाइन की भूमिका पर विचार रखे। वहीं, eka. के संस्थापक एवं सीईओ विकल्प साहनी ने तकनीक, उद्यमिता, डिजिटल प्लेटफॉर्म और यूजर-केंद्रित समाधानों के बीच संबंधों पर अपने विचार साझा किए।

 

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