कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री सलमान खुर्शीद ने शुक्रवार को बीजेपी के नेतृत्व वाली केंद्र और राज्य सरकारों पर तीखा हमला बोला। गुवाहाटी स्थित राजीव भवन में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में खुर्शीद ने चुनाव आयोग की स्वायत्तता, NRC, असम में चल रहे कथित बेदखली अभियानों और पुलिस एनकाउंटर समेत कई मुद्दों पर गंभीर सवाल उठाए।
खुर्शीद ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग में हालिया आंतरिक फैसले मुख्य चुनाव आयुक्त ने दो अन्य चुनाव आयुक्तों की असहमति को दरकिनार करते हुए एकतरफा तरीके से लिए, उन्होंने कहा कि यह मामला फिलहाल सुप्रीम कोर्ट में लंबित है। राहुल गांधी का हवाला देते हुए खुर्शीद ने कहा कि कोई व्यक्ति चाहे कितने भी ऊंचे संवैधानिक पद पर हो, वह कानून से ऊपर नहीं हो सकता। हर किसी को कानून के प्रति जवाबदेह रहना होगा।
देवाशीष शर्मा पर लगाए आरोप
आगामी विधानसभा उपचुनाव में बीजेपी के उम्मीदवार और पूर्व जिला आयुक्त देवाशीष शर्मा को लेकर भी खुर्शीद ने गंभीर आरोप लगाए, उन्होंने दावा किया कि शर्मा ने राजनीतिक हितों के लिए वैध नागरिकों को निर्वासित करने से जुड़े मनमाने फैसले लिया।
खुर्शीद ने कहा कि अदालतों ने भी बांग्लादेश भेजी गई दो महिलाओं की मौजूदा स्थिति पर सवाल उठाए हैं, उन्होंने बीजेपी द्वारा ऐसे अधिकारी को उम्मीदवार बनाए जाने पर सवाल खड़ा किया। वहीं, कांग्रेस उम्मीदवार और पूर्व विधायक सिबामोनी बोरा का जिक्र करते हुए उन्होंने उनके कार्यकाल को पारदर्शी बताया।
NRC को लेकर भी उठाए सवाल
NRC के मुद्दे पर खुर्शीद ने कहा कि इसकी प्रक्रिया पूर्व मुख्यमंत्री तरुण गोगोई के कार्यकाल में असम समझौते के आधार पर शुरू हुई थी और 1971 को कटऑफ वर्ष माना गया था, उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में 2019 में अंतिम NRC सूची प्रकाशित होने के बावजूद 3.11 करोड़ शामिल लोगों को अभी तक नियम 13 के तहत राष्ट्रीय पहचान पत्र नहीं मिले हैं, उन्होंने दावा किया कि NRC से बाहर किए गए 19 लाख से अधिक लोगों को अब भी अनिवार्य रिजेक्शन स्लिप का इंतजार है, जिसके बाद वे अपील कर सकते हैं। खुर्शीद ने चेतावनी दी कि NRC में एकतरफा बदलाव सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों की अवमानना का मामला बन सकता है।
बेदखली अभियानों और नागरिक अधिकारों का मुद्दा उठाया
असम में जारी बेदखली अभियानों पर भी खुर्शीद ने सरकार को घेरा, उन्होंने गोलपाड़ा, गोलाघाट, रंगमा रिजर्व फॉरेस्ट और सितंबर 2024 में सोनापुर के कचुटोली में हुई कार्रवाई का जिक्र किया, उन्होंने कहा कि कचुटोली में पुलिस फायरिंग के दौरान दो लोगों की मौत हुई थी।
खुर्शीद ने कहा कि लोगों के घर तोड़ना और उन्हें विस्थापित करना गंभीर मामला है। उन्होंने दावा किया कि विस्थापित लोगों के मताधिकार और नागरिकता पर असर पड़ना लोकतांत्रिक अधिकारों के लिए और भी गंभीर स्थिति है। उन्होंने कहा कि पुनर्वासित स्थानों पर विस्थापित लोगों का मतदाता पंजीकरण रोकना संविधान के अनुच्छेद 14 और 21 से जुड़े सवाल खड़े करता है।
पुलिस एनकाउंटर के आंकड़ों का किया जिक्र
कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर खुर्शीद ने अदालत के समक्ष रखे गए आंकड़ों का हवाला दिया, उनके अनुसार, मई 2021 से अगस्त 2022 के बीच असम में 171 पुलिस एनकाउंटर हुए, जिनमें 56 लोगों की मौत हुई और 145 लोग घायल हुए, उन्होंने चार हिरासत में हुई मौतों का भी जिक्र किया। खुर्शीद ने कहा कि कानून के शासन वाले समाज में न्यायेतर हत्याओं की कोई जगह नहीं होनी चाहिए।
बिना प्रक्रिया के बांग्लादेश भेजने का आरोप
खुर्शीद ने बांग्लादेश में कथित पुशबैक के मुद्दे पर भी सवाल उठाया, उन्होंने विधानसभा में दिए गए आंकड़ों का हवाला देते हुए दावा किया कि पिछले दो वर्षों में 3,697 लोगों को बिना औपचारिक नोटिस के देश से निकला गया।
INDIA गठबंधन को लेकर दिया संदेश
देश के व्यापक राजनीतिक परिदृश्य पर बात करते हुए खुर्शीद ने INDIA गठबंधन की एकता का मुद्दा उठाया। उन्होंने पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति जॉन एफ. कैनेडी का हवाला देते हुए कहा कि यह पूछने के बजाय कि गठबंधन हमारे लिए क्या कर सकता है, हर नेता को यह समझना चाहिए कि वह गठबंधन के लिए क्या योगदान दे सकता है।
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UCC को बताया 'ध्यान भटकाने वाला मुद्दा'
समान नागरिक संहिता (UCC) पर खुर्शीद ने इसे ध्यान भटकाने की रणनीति बताया, उन्होंने कहा कि देश की विविध सांस्कृतिक परिस्थितियों को ध्यान में रखे बिना कोई समान कानून मनमाने तरीके से लागू नहीं किया जा सकता, उन्होंने सुप्रीम कोर्ट की नौ-न्यायाधीशों वाली संविधान पीठ के फैसलों का भी हवाला दिया।
प्रेस कॉन्फ्रेंस की शुरुआत में खुर्शीद ने महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि दी। उन्होंने एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाली असम की मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन को भी बधाई दी। प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद अब्दुल खालिक तथा पूर्व विधायक दिगंत बर्मन समेत कई नेता मौजूद रहे।