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संसद में वक्फ संशोधन विधेयक को बुधवार दोपहर 12 बजे लोकसभा में पेश किया जाएगा। मंगलवार को बिजनेस एडवाइजरी कमेटी की बैठक में इस पर निर्णय लिया गया। बैठक में विपक्षी दलों के सदस्यों ने भाग लिया और बिल पर विस्तृत चर्चा की मांग की।
विपक्ष ने वक्फ बिल पर मांगी विस्तृत चर्चा
विपक्षी दलों ने बिल पर गहन चर्चा की मांग की और मणिपुर में राष्ट्रपति शासन लागू करने एवं वोटर कार्ड को आधार से जोड़ने के मुद्दे को भी उठाया। हालांकि, सरकार ने किसी भी विषय पर विपक्ष की मांग को स्वीकार नहीं किया।
विरोध में विपक्ष का वॉकआउट
सरकार से असहमति जताते हुए विपक्षी दलों के सदस्यों ने बैठक से वॉकआउट कर दिया। कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने आरोप लगाया कि सरकार विपक्ष की बातों को नजरअंदाज कर अपनी मर्जी से एजेंडा थोप रही है।
शिवसेना सांसद मिलिंद देवड़ा का बयान
शिवसेना सांसद मिलिंद देवड़ा ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि वक्फ संशोधन विधेयक अल्पसंख्यकों, खासकर मुस्लिम समुदाय के हित में है। उन्होंने CAA का उदाहरण देते हुए कहा कि 2019 में भी गलत नैरेटिव गढ़ा गया था, लेकिन आज तक किसी भी मुस्लिम की नागरिकता नहीं छीनी गई।
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शिवसेना सांसद मिलिंद देवड़ा ने कहा कि अनुच्छेद 370 हटाए जाने पर भी विरोध किया गया था, लेकिन इसका सबसे अधिक लाभ कश्मीरी मुसलमानों को हुआ। उन्होंने वक्फ विधेयक को मुस्लिम सशक्तिकरण से जोड़ते हुए कहा कि यह विधेयक भारतीय मुसलमानों के अधिकारों को मजबूत करेगा, न कि उन्हें कमजोर।