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क्या ₹1 लाख की सैलरी पर भी सिर्फ ₹1,800 PF कटेगा? जानिए नई EPF स्कीम 2026 की पूरी जानकारी
केंद्र सरकार ले ली है ने एम्पलाई प्रोविडेंट फंड (EPF) स्कीम 2026 लागू कर दी है, जिसने 1952 की पुरानी EPF स्कीम की जगह।
केंद्र सरकार ले ली है ने एम्पलाई प्रोविडेंट फंड (EPF) स्कीम 2026 लागू कर दी है, जिसने 1952 की पुरानी EPF स्कीम की जगह । नई व्यवस्था का उद्देश्य PF प्रणाली को अधिक सरल, डिजिटल और पारदर्शी बनाना है। इस बदलाव से देश के लगभग 8 करोड़ EPFO सदस्यों को लाभ मिलने की उम्मीद है। नई स्कीम में PF की योगदान दर में कोई बदलाव नहीं किया गया है, लेकिन अनिवार्य योगदान की सीमा को लेकर स्थिति पहले से अधिक स्पष्ट कर दी गई है।
क्या ₹1 लाख की सैलरी पर भी सिर्फ ₹1,800 PF कटेगा?
सबसे बड़ा सवाल यही है कि यदि किसी कर्मचारी की मासिक सैलरी ₹1 लाख है, तो क्या उसका PF भी केवल ₹1,800 ही कटेगा? नई स्कीम के अनुसार, अनिवार्य कर्मचारी PF योगदान ₹15,000 की तय वेतन सीमा पर ही लागू होगा। इसका मतलब है कि ₹15,000 का 12 प्रतिशत यानी ₹1,800 प्रति माह अनिवार्य रूप से PF में जमा किया जाएगा। यदि किसी कंपनी ने अब तक कर्मचारियों की पूरी बेसिक सैलरी पर PF काटने की व्यवस्था कर रखी है, तो ₹1,800 से अधिक की राशि स्वैच्छिक योगदान (Voluntary PF) मानी जाएगी। यानी कर्मचारी अपनी इच्छा से अधिक PF जमा कर सकते हैं, लेकिन यह अनिवार्य नहीं होगा।
क्या कंपनी भी अतिरिक्त PF जमा करेगी?
यदि कर्मचारी स्वेच्छा से ₹1,800 से अधिक PF जमा करना चाहता है, तो यह जरूरी नहीं कि कंपनी भी उतनी ही अतिरिक्त राशि जमा करे। कंपनी को अतिरिक्त योगदान तभी देना होगा, जब उसकी नीति, रोजगार अनुबंध या किसी विशेष समझौते में इसका प्रावधान हो। अन्यथा, कंपनी केवल कानून के तहत निर्धारित अनिवार्य योगदान ही करेगी।
PF की 12% योगदान दर में कोई बदलाव नहीं
नई EPF स्कीम 2026 में PF योगदान की दर पहले की तरह ही 12 प्रतिशत रखी गई है। कर्मचारी अपनी निर्धारित वेतन सीमा के अनुसार 12 प्रतिशत योगदान देंगे और नियोक्ता भी समान दर से योगदान करेगा। जिन संस्थानों में पहले से 10 प्रतिशत PF योगदान का नियम लागू है, वहां पुराने नियम ही प्रभावी रहेंगे। यानी नई स्कीम का मुख्य उद्देश्य योगदान की अनिवार्य और स्वैच्छिक सीमा को स्पष्ट करना है।
PF निकासी के नियम हुए आसान
नई स्कीम में PF निकासी की प्रक्रिया को भी सरल बनाया गया है। पहले कई अलग-अलग नियम लागू होते थे, लेकिन अब उन्हें तीन प्रमुख श्रेणियों में व्यवस्थित किया गया है। कर्मचारी गंभीर बीमारी या इलाज, बच्चों की शिक्षा और शादी, घर खरीदने, निर्माण या मरम्मत जैसी जरूरतों के लिए तय शर्तों के अनुसार PF का आंशिक पैसा निकाल सकेंगे। इससे कर्मचारियों के लिए नियमों को समझना और उनका लाभ उठाना पहले की तुलना में अधिक आसान होगा।
Written By: Geeta Sharma
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