नई दिल्ली: भारत में क्विक कॉमर्स सेक्टर की ग्रोथ आने वाली तिमाही में तेज होने की उम्मीद है, जबकि फूड डिलीवरी कंपनियों की वृद्धि दर स्थिर रहने का अनुमान है। Emkay की एक रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही (Q2FY27) में प्रमुख क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स का नेट ऑर्डर वैल्यू (NOV) ग्रोथ रेट तिमाही-दर-तिमाही आधार पर बढ़कर 21.6 प्रतिशत तक पहुंच सकता है।
रिपोर्ट के अनुसार, क्विक कॉमर्स सेक्टर में कंपनियों के बीच प्रतिस्पर्धा और बाजार में विलय का दौर जारी है। कुछ प्लेटफॉर्म्स की ओर से न्यूनतम ऑर्डर वैल्यू बढ़ाने और डिस्काउंट कम करने के कारण ग्राहकों की मांग प्रतिस्पर्धी कंपनियों की ओर शिफ्ट हो सकती है। Emkay का कहना है कि इससे क्विक कॉमर्स कंपनियों की ऑर्डर वैल्यू में वृद्धि तेज हो सकती है।
Food Delivery की ग्रोथ 18 प्रतिशत रहने का अनुमान
रिपोर्ट में फूड डिलीवरी सेक्टर की वृद्धि दर स्थिर रहने की उम्मीद जताई गई है। इस क्षेत्र में सालाना आधार पर ऑर्डर वैल्यू ग्रोथ करीब 18 प्रतिशत रहने का अनुमान है। रिपोर्ट के मुताबिक, त्योहारी सीजन की शुरुआत के साथ तीसरी तिमाही (Q3) में कंपनियों के बीच प्रतिस्पर्धा और तेज हो सकती है। इसके बावजूद फूड डिलीवरी कारोबार की ग्रोथ और मार्जिन में स्थिरता बने रहने की संभावना है।
Fintech सेक्टर में मुनाफे में सुधार की उम्मीद
Emkay की रिपोर्ट के अनुसार, भारत के फिनटेक सेक्टर में वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही में राजस्व वृद्धि स्थिर रहने और मुनाफे में सुधार होने की उम्मीद है। कंपनियों को ऑपरेटिंग लीवरेज का फायदा मिल सकता है।
हालांकि, त्योहारी खर्च का बड़ा हिस्सा तीसरी तिमाही में शिफ्ट होने से पेमेंट कंपनियों की सालाना राजस्व वृद्धि प्रभावित हो सकती है। रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त वर्ष 2027 में त्योहारी सीजन का प्रभाव मुख्य रूप से तीसरी तिमाही में दिख सकता है, जबकि वित्त वर्ष 2026 में इसका असर दूसरी और तीसरी तिमाही में देखने को मिला था।
UPI ट्रांजैक्शन पर MDR भी अहम मुद्दा
रिपोर्ट में यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) लेनदेन पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लागू होने को भी फिनटेक सेक्टर के लिए महत्वपूर्ण बताया गया है।
दी गई जानकारी के मुताबिक, 15 अक्टूबर से 2,000 रुपये से अधिक के कुछ UPI पर्सन-टू-मर्चेंट (P2M) ट्रांजैक्शन पर 0.4 प्रतिशत MDR का प्रावधान होगा। 75,000 रुपये या उससे अधिक के लेनदेन पर यह शुल्क अधिकतम 300 रुपये तक सीमित रहेगा। वहीं, पर्सन-टू-पर्सन (P2P) ट्रांसफर, 2,000 रुपये तक के मर्चेंट भुगतान और शून्य-MDR व्यवस्था के तहत आने वाले पात्र छोटे कारोबारियों के लेनदेन को छूट दिए जाने की बात कही गई है।
नोट: MDR से जुड़े नियम, लागू होने की तारीख और लेनदेन की सीमाओं को प्रकाशित करने से पहले NPCI या संबंधित सरकारी अधिसूचना से सत्यापित कर लें।
Digital Platforms में निवेश के अवसर
Emkay का मानना है कि भारत की डिजिटल प्लेटफॉर्म कंपनियों में लंबी अवधि के विकास की मजबूत संभावनाएं हैं। इन कंपनियों को ऑपरेटिंग लीवरेज का लाभ भी मिल सकता है, जिससे वे निवेश के आकर्षक अवसर पेश कर सकती हैं।
हालांकि, रिपोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि अलग-अलग प्लेटफॉर्म्स की ग्रोथ, मुनाफे और कारोबार की परिपक्वता के स्तर में अंतर है। इसलिए उनकी कमाई के आधार पर वैल्यूएशन की सीधी तुलना करना आसान नहीं है। हर कंपनी की विकास दर, मुनाफे की स्थिति और ऑपरेटिंग लीवरेज अलग-अलग होने के कारण उसके मूल्यांकन को उसी के कारोबारी मॉडल के संदर्भ में देखना जरूरी है।