India Myanmar Defence Ties: भारत और म्यांमार का रिश्ता कई मायनों में काफी महत्वपूर्ण है। दोनों देश करीब 1600 से अधिक किलोमीटर की सीमा साझा करते है। दूसरी तरफ India Myanmar Defence Ties की बैठक 7 अक्टूबर 2026 को गुवाहाटी में आयोजित की गई।

जो कई मायनों में महत्वपूर्ण है। इसकी जानकारी खुद रक्षा मंत्रालय ने अपने एक्स हैंडल से शेयर की है। भारत के लिए म्यांमार रणनीतिक रूप से बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह एकमात्र ऐसा आसियान (ASEAN) देश है जो भारत के साथ ज़मीनी और समुद्री, दोनों सीमाएँ साझा करता है और भारत के पूर्वोत्तर को दक्षिण-पूर्व एशिया से जोड़ने वाले प्रवेश द्वार का काम करता है। चलिए आपको बताते है इससे जुड़ी सभी अहम जानकारी।

India Myanmar Defence Ties क्यों है खास

रक्षा मंत्रालय ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर जानकारी देते हुए लिखा, "7 अक्टूबर 2026 को गुवाहाटी में तीसरी India Myanmar Defence Cooperation बैठक हुई। इस बैठक की सह-अध्यक्षता रक्षा सचिव श्री राजेश कुमार सिंह और म्यांमार के सशस्त्र बल प्रशिक्षण प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल प्याए सोन लिन ने की। दोनों देशों ने 2025 में यांगून में हुई पिछली रक्षा सहयोग बैठक में तय की गई विभिन्न द्विपक्षीय रक्षा सहयोग पहलों पर हुई प्रगति की समीक्षा की।

दोनों पक्षों ने मौजूदा द्विपक्षीय रक्षा सहयोग को और मजबूत करने के लिए नई पहलों पर विचार-विमर्श किया, जिसमें प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण के साथ-साथ आपसी सुरक्षा बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया। म्यांमार में आए विनाशकारी भूकंप के बाद, 'ऑपरेशन ब्रह्म' के तहत म्यांमार के करीबी पड़ोसी और 'फर्स्ट रिस्पॉन्डर' (सबसे पहले मदद करने वाले) के तौर पर भारत द्वारा दी गई मानवीय सहायता और मदद की म्यांमार पक्ष ने सराहना की"।

म्यांमार के लिए चीन क्यों है खास?

म्यांमार में तेल और प्रकृतिक गैस के बड़े तेल भंडार है। यही कारण है कि यहां पर चीन की मौजूदगी लगातार दिखती है। अगर भविष्य में चीन और म्यांमार के बीच सैन्य सहयोग बढ़ता है तो भारत को कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। यही कारण है कि इंडिया की तरफ से भी लगातार रक्षा सहयोग को बढ़ावा दिया जा रहा है, मोदी सरकार लगातार निवेश कर रही है।

भारत के लिए म्यांमार क्यों है खास?

भारत के लिए म्यांमार रणनीतिक रूप से बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह एकमात्र ऐसा आसियान (ASEAN) देश है जिसकी ज़मीनी और समुद्री सीमाएँ भारत से जुड़ी हैं और यह भारत के पूर्वोत्तर क्षेत्र को दक्षिण-पूर्व एशिया से जोड़ने वाले एक प्रवेश द्वार का काम करता है। भारत, म्यांमार के लिए विकास में मदद, मानवीय सहायता, स्वास्थ्य सेवा, दवा उद्योग, शिक्षा, क्षमता निर्माण और बुनियादी ढांचे के विकास जैसे क्षेत्रों में एक अहम साझेदार बना हुआ है।

प्राकृतिक आपदाओं के समय भारत की समय पर मदद – जिसमें मानवीय राहत और पुनर्निर्माण के प्रयास शामिल हैं – और एक भरोसेमंद विकास साझेदार के तौर पर इसकी भूमिका ने म्यांमार के लोगों के मन में भारत के प्रति बहुत सद्भावना पैदा की है।

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