अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के पूरी तरह खत्म होने के संकेत नहीं मिल रहे हैं। इसी बीच ईरान की ओर से अमेरिका को लेकर एक कड़ा संदेश सामने आया है। ईरान का कहना है कि अगर दोनों देशों के बीच दोबारा सैन्य संघर्ष शुरू होता है, तो हिंद महासागर में तैनात अमेरिकी नौसैनिक जहाज भी उसके निशाने पर होंगे।
हैदराबाद स्थित ईरानी दूतावास से साझा किया गया वीडियो
हैदराबाद स्थित ईरानी दूतावास की ओर से साझा की गई एक पोस्ट के अनुसार, ईरान की सुरक्षा परिषद के सचिव मोहसिन रेजाई ने दावा किया कि तेहरान ने समुद्री मोर्चे पर जवाबी कार्रवाई की क्षमताओं को मजबूत कर लिया है। उनके मुताबिक, युद्ध दोबारा शुरू होने की स्थिति में हिंद महासागर में मौजूद अमेरिकी जहाजों को उनकी लोकेशन की परवाह किए बिना निशाना बनाया जा सकता है।
हाइपरसोनिक मिसाइलों की क्षमता बढ़ाने का दावा
मोहसिन रेजाई ने ईरान की हाइपरसोनिक मिसाइलों को लेकर भी बड़ा दावा किया, उन्होंने कहा कि इन मिसाइलों की गति पहले मैक 6 के आसपास थी, जिसे अब बढ़ाकर मैक 10 तक कर दिया गया है, उन्होंने यह भी दावा किया कि ईरान ने अपने इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सिस्टम को पहले से अधिक विकसित किया है। इसके अलावा एयर डिफेंस को मजबूत करने और संभावित संघर्ष की स्थिति में इस्तेमाल किए जाने वाले अन्य सैन्य विकल्प तैयार रखने की बात भी कही गई। रेजाई के अनुसार, तेहरान किसी भी संभावित स्थिति से निपटने के लिए तैयार है।
Iranian Security Council Secretary Dr. Rezaei: Iran is totally prepared for any naval confrontation with the U.S.
— Iran In Hyderabad (@IraninHyderabad) September 20, 2026
"If war begins again, U.S. ships, unless they leave the Indian Ocean, will be attacked wherever they are inside the Indian Ocean. We have developed these… pic.twitter.com/WonCOkbGTX
ईरानी संसद के स्पीकर ने भी अमेरिका पर साधा निशाना
ईरान की ओर से यह बयान ऐसे समय आया है, जब ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने पश्चिम एशिया की मौजूदा क्षेत्रीय व्यवस्था पर टिप्पणी की। रविवार को दिए अपने बयान में गालिबाफ ने कहा कि क्षेत्र में अमेरिका के प्रभाव पर आधारित पुरानी व्यवस्था कमजोर पड़ चुकी है। उन्होंने पश्चिम एशिया के इस्लामी देशों से नई क्षेत्रीय व्यवस्था की दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान किया। गालिबाफ ने यह भी कहा कि ईरान की मांगों और उसके संदेश को मध्यस्थों के माध्यम से अमेरिका तक स्पष्ट रूप से पहुंचाया जा चुका है।
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होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर क्या कहा?
होर्मुज जलडमरूमध्य का मुद्दा भी इस पूरे घटनाक्रम में अहम बना हुआ है। गालिबाफ के अनुसार, जब तक ईरान के अधिकारों को स्वीकार नहीं किया जाता और अमेरिका की ओर से किए गए वादों को पूरा नहीं किया जाता, तब तक जलडमरूमध्य को खोलने पर फैसला नहीं होगा।
ईरान की चेतावनियों के बीच अमेरिका के संभावित अगले कदम पर नजर
इसी बीच अमेरिका में भी ईरान को लेकर संभावित अगले कदमों पर चर्चा तेज है। एक न्यूज रिपोर्ट के मुताबिक, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान को लेकर फैसला लेने की स्थिति में हैं। रिपोर्ट में ट्रंप के हवाले से यह भी कहा गया कि आने वाले समय में कुछ बड़े घटनाक्रम देखने को मिल सकते हैं। फिलहाल, ईरान के इन दावों और चेतावनियों के बीच क्षेत्रीय तनाव बना हुआ है और आने वाले दिनों में अमेरिका तथा ईरान के बीच स्थिति किस दिशा में जाती है, इस पर सबकी नजर है।