लखनऊ: समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शनिवार को उत्तर प्रदेश की शिक्षा और परीक्षा व्यवस्था को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में शिक्षा और परीक्षाओं की व्यवस्था चरमरा गई है। यादव ने कहा कि उनकी पार्टी सत्ता में आने पर स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर करने और गरीबों को गुणवत्तापूर्ण इलाज उपलब्ध कराने की दिशा में काम करेगी।

लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अखिलेश यादव ने कहा कि सपा सरकार ने युवाओं को लैपटॉप बांटे थे, जबकि उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा मुख्यमंत्री युवाओं के लैपटॉप और मोबाइल इस्तेमाल करने पर सवाल उठाते हैं। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी सकारात्मक सोच वाली और प्रगतिशील है।

बाढ़ को लेकर भी सरकार पर लगाए आरोप
अखिलेश यादव ने प्रदेश में बाढ़ की स्थिति को लेकर भी भाजपा सरकार पर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि बाढ़ नियंत्रण, नालों की सफाई और नदियों की सफाई के लिए रखे गए धन का सही इस्तेमाल नहीं हुआ।

उन्होंने कहा कि सपा पिछले कई वर्षों से बूथ स्तर पर संगठन को मजबूत करने और लोगों के बीच काम करने में जुटी है। बाढ़ को लेकर लगाए गए आरोपों के समर्थन में उन्होंने नालों और तटबंधों की स्थिति का भी जिक्र किया।
हालांकि, बाढ़ नियंत्रण के लिए आवंटित धन के दुरुपयोग को लेकर अखिलेश यादव के आरोपों को उनके राजनीतिक बयान के रूप में देखा जाना चाहिए।

मतदाता सूची और Form 7 का मुद्दा उठाया
सपा अध्यक्ष ने मतदाता सूची को लेकर भी अपनी पार्टी की शिकायतों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पार्टी मतदाता सूचियों को दुरुस्त कराने का काम जारी रखेगी। Form 7 के इस्तेमाल को लेकर सपा पहले भी सवाल उठाती रही है। अगस्त में यादव ने निर्वाचन अधिकारियों से Form 6, Form 7 और Form 8 से जुड़ी जानकारी नोटिस बोर्ड पर प्रदर्शित करने की मांग की थी। सितंबर में भी यादव ने Form 7 के कथित दुरुपयोग को लेकर चुनाव आयोग पर सवाल उठाए थे।


‘Make in India’ को लेकर केंद्र पर निशाना
अखिलेश यादव ने अमेरिका के साथ टैरिफ और व्यापार समझौतों को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने आशंका जताई कि अगर कृषि और दूसरे विदेशी उत्पाद भारतीय बाजार में बड़ी मात्रा में आते हैं तो इसका घरेलू बाजार और ‘Make in India’ पहल पर क्या असर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि भारत में मोबाइल फोन के निर्माण और असेंबली की बात की जाती है, लेकिन अगर विदेशी उत्पाद और वाहन भारतीय बाजार में अधिक मात्रा में आने लगे तो घरेलू बाजार पर इसका प्रभाव पड़ सकता है।

अखिलेश यादव ने शिक्षा, स्वास्थ्य, बाढ़ और मतदाता सूची समेत कई मुद्दों पर सरकार की नीतियों और कामकाज पर सवाल उठाए। उनके ये आरोप राजनीतिक दावों के तौर पर हैं; संबंधित सरकारी पक्ष की प्रतिक्रिया इस बयान में शामिल नहीं है।