नई दिल्ली: जम्मू-कश्मीर में जूनियर महिला अधिकारी को कथित तौर पर अपमानित करने और धमकाने का मामला सामने आने के बाद राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने स्वतः संज्ञान लिया है। वायरल वीडियो में श्रम एवं रोजगार विभाग के प्रशासनिक सचिव और वरिष्ठ IAS अधिकारी कुमार राजीव रंजन कथित तौर पर एक आधिकारिक समीक्षा बैठक के दौरान महिला अधिकारी के साथ अभद्र व्यवहार करते दिखाई दे रहे हैं। इस घटना को लेकर राजनीतिक नेताओं ने भी कड़ी नाराजगी जताई है और अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

NCW ने मुख्य सचिव को लिखा पत्र, निष्पक्ष जांच की मांग

राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर ने मामले में जम्मू-कश्मीर के मुख्य सचिव को पत्र लिखकर वायरल वीडियो की सत्यता की जांच करने और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने की मांग की है। आयोग ने कहा है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ उचित अनुशासनात्मक और कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।

NCW ने महिला अधिकारी को कार्यस्थल पर उत्पीड़न, प्रताड़ना और पेशेवर बदले की कार्रवाई से बचाने के लिए आवश्यक सुरक्षा और सहयोग उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया है। आयोग ने संबंधित अधिकारियों से 7 दिनों के भीतर एक्शन टेकन रिपोर्ट (ATR) पेश करने को कहा है।

आयोग ने स्पष्ट किया कि प्रत्येक महिला अधिकारी सुरक्षित, सम्मानजनक और गरिमापूर्ण कार्यस्थल की हकदार है। पद और अधिकार का दुरुपयोग कर किसी कर्मचारी को अपमानित करने के मामलों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।

फारूक अब्दुल्ला ने की अधिकारी को हटाने की मांग

जम्मू-कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस के प्रमुख फारूक अब्दुल्ला ने भी इस घटना की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि IAS अधिकारी के व्यवहार को लेकर उन्हें फटकार लगाई जानी चाहिए और ऐसे अधिकारी को जम्मू-कश्मीर में सेवा नहीं देनी चाहिए।

फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि अधिकारियों और मंत्रियों की जिम्मेदारी जनता की शिकायतें सुनना और उनकी परेशानियां दूर करना है, न कि उनके साथ दुर्व्यवहार करना। उन्होंने वायरल वीडियो में कथित व्यवहार को शर्मनाक बताते हुए कहा कि इस तरह का आचरण किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता।

सलमान सागर बोले- LG तुरंत करें कार्रवाई

नेशनल कॉन्फ्रेंस के वरिष्ठ नेता और हजरतबल के विधायक सलमान सागर ने भी अधिकारी के कथित व्यवहार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि एक वरिष्ठ अधिकारी को अपने कनिष्ठ कर्मचारियों, खासकर महिला अधिकारियों के साथ सम्मानजनक व्यवहार करना चाहिए।

सलमान सागर ने कहा कि इस तरह का व्यवहार लोगों के बीच अलगाव और नाराजगी को बढ़ावा देता है। उन्होंने जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल से बिना देरी किए कार्रवाई करने और जनता को यह भरोसा दिलाने की मांग की कि मामले में जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।

PDP ने भी की कड़ी निंदा

जम्मू-कश्मीर पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) के प्रवक्ता मोहम्मद इकबाल ट्रंबू ने भी IAS अधिकारी के कथित आचरण की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ अधिकारियों को अपने पद और अधिकार का इस्तेमाल जिम्मेदारी और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए करना चाहिए, न कि कनिष्ठ कर्मचारियों को अपमानित करने के लिए।

उन्होंने कहा कि IAS एक प्रतिष्ठित सेवा है, जिसके अधिकारियों को प्रशासन और नेतृत्व का प्रशिक्षण दिया जाता है। ऐसे में इस तरह के कथित व्यवहार से पूरी सेवा की छवि प्रभावित होती है। उन्होंने उमर अब्दुल्ला सरकार और उपराज्यपाल प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेने और यह सुनिश्चित करने की मांग की कि कोई भी वरिष्ठ अधिकारी अपनी शक्तियों का दुरुपयोग न करे।

जांच और कार्रवाई पर टिकी नजरें

जम्मू-कश्मीर में महिला अधिकारी के साथ कथित दुर्व्यवहार का यह मामला अब राष्ट्रीय महिला आयोग और राजनीतिक दलों के हस्तक्षेप के बाद चर्चा में है। फिलहाल आयोग ने वीडियो की पुष्टि, निष्पक्ष जांच और आवश्यक कार्रवाई की मांग की है। अब मामले में जांच के निष्कर्ष और संबंधित प्रशासन की कार्रवाई पर नजर रहेगी।

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