आजकल खराब खान-पान और बदलती लाइफस्टाइल की वजह से डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, हार्ट और किडनी से जुड़ी समस्याएं बढ़ रही हैं। इन बीमारियों में दवाओं के साथ डाइट का भी अहम रोल होता है। हालांकि हर मरीज के लिए डाइट एक जैसी नहीं होती। बीमारी की स्थिति और टेस्ट रिपोर्ट के आधार पर कुछ फल-सब्जियां फायदेमंद हो सकती हैं, जबकि कुछ की मात्रा सीमित करनी पड़ सकती है।

किडनी की बीमारी में इन चीजों का रखें ध्यान

किडनी की बीमारी में पोटैशियम, सोडियम और फॉस्फोरस की मात्रा पर ध्यान देना पड़ सकता है। सेब, अंगूर, बेरीज, पत्तागोभी, फूलगोभी, शिमला मिर्च और खीरा जैसे विकल्प कई लोगों के लिए डाइट में शामिल किए जा सकते हैं। वहीं केला, संतरा, आलू और टमाटर जैसी पोटैशियम वाली चीजों की मात्रा कुछ मरीजों को कम करनी पड़ सकती है।

लेकिन जरूरी नहीं कि हर किडनी मरीज को इन चीजों से पूरी तरह परहेज हो। किडनी की बीमारी की स्टेज और ब्लड पोटैशियम लेवल के हिसाब से डाइट तय की जाती है।

हार्ट को रखना है स्वस्थ तो बढ़ाएं फल-सब्जियां

हार्ट हेल्थ के लिए अलग-अलग रंगों के फल और सब्जियां डाइट में शामिल करना फायदेमंद माना जाता है। सेब, अमरूद, बेरीज, संतरा, गाजर, पालक, ब्रोकोली, फूलगोभी और शिमला मिर्च जैसे विकल्प लिए जा सकते हैं।

फलों का जूस पीने के बजाय साबुत फल खाना बेहतर विकल्प है। साथ ही ज्यादा नमक, तली हुई चीजें, पैकेज्ड फूड और ट्रांस फैट वाले खाद्य पदार्थों को सीमित करना चाहिए।

डायबिटीज में फल बंद करने की जरूरत नहीं

डायबिटीज होने पर फल पूरी तरह छोड़ने की जरूरत नहीं होती। अमरूद, सेब, नाशपाती और बेरीज जैसे साबुत फल सीमित मात्रा में लिए जा सकते हैं। गैर-स्टार्च वाली सब्जियां जैसे खीरा, पत्तागोभी, फूलगोभी और शिमला मिर्च भी अच्छे विकल्प हैं। मीठे जूस, सॉफ्ट ड्रिंक और ज्यादा चीनी वाली चीजों से दूरी रखना जरूरी है।

हाई BP में नमक पर रखें नजर

हाई ब्लड प्रेशर में ज्यादा सोडियम यानी नमक नुकसानदायक हो सकता है। फल, सब्जियां और साबुत अनाज वाली संतुलित डाइट मददगार हो सकती है। हालांकि अगर हाई BP के साथ किडनी की बीमारी भी है, तो पोटैशियम वाली चीजों की मात्रा डॉक्टर की सलाह के अनुसार तय करनी चाहिए।

ध्यान रखें: किसी बीमारी में कोई फल या सब्जी सिर्फ नाम के आधार पर पूरी तरह बंद न करें। खासकर किडनी और डायबिटीज के मरीज अपनी रिपोर्ट और डॉक्टर की सलाह के मुताबिक डाइट तय करें।