लाइफस्टाइल
किसी को उधार देने जा रहे हैं? पहले ये तरीके जान लें, नहीं होगा नुकसान
दोस्त या रिश्तेदार जब उधार मांगें तो क्या करें? अगर बिना सोचे पैसे दे दिए तो बाद में परेशानी हो सकती है। जानिए ऐसे आसान तरीके, जिनसे मदद भी हो जाएगी और आपका पैसा भी सुरक्षित रहेगा।
दोस्तों और रिश्तेदारों के बीच पैसों का लेन-देन नया नहीं है। कई बार कोई करीबी अचानक आर्थिक परेशानी में होता है और मदद के लिए उधार मांग लेता है। ऐसे समय में लोग रिश्तों को देखते हुए तुरंत पैसे दे देते हैं, लेकिन बाद में पैसा वापस न मिलने या देर होने से रिश्तों में तनाव पैदा हो जाता है। इसलिए जरूरी है कि उधार देते समय कुछ बातों का ध्यान रखा जाए, ताकि मदद भी हो जाए और भविष्य में किसी तरह की परेशानी भी न आए।
जल्दबाजी में पैसा देने की गलती न करें
जब कोई करीबी आपसे पैसे मांगता है तो उसकी स्थिति को समझना जरूरी होता है। कई बार लोग इमरजेंसी या जरूरी काम के लिए उधार मांगते हैं, जबकि कभी-कभी जरूरत उतनी बड़ी नहीं होती। ऐसे में पहले पूरी बात जान लें कि पैसा किस काम के लिए चाहिए और वह व्यक्ति उसे वापस करने की स्थिति में है या नहीं। सोच-समझकर लिया गया फैसला आगे चलकर बेहतर साबित होता है।
उधार देते समय लौटाने की तारीख जरूर तय करें
उधार देते समय सबसे जरूरी बात यह होती है कि पैसा कब तक वापस किया जाएगा। अगर शुरुआत में ही यह बात साफ कर ली जाए तो बाद में किसी तरह की असहज स्थिति नहीं बनती। समय तय होने से सामने वाले को भी जिम्मेदारी का एहसास रहता है और उधार को लेकर रिश्तों में तनाव की संभावना कम हो जाती है।
पैसों के लेन-देन का कोई सबूत जरूर रखें
अगर रकम थोड़ी ज्यादा है तो उसे सिर्फ भरोसे पर देने के बजाय उसका कोई रिकॉर्ड रखना बेहतर होता है। आजकल ऑनलाइन ट्रांसफर के जरिए पैसा देना आसान भी है और सुरक्षित भी, क्योंकि इससे लेन-देन का पूरा रिकॉर्ड रहता है। अगर नकद पैसे दे रहे हैं तो एक साधारण नोट या मैसेज में रकम और तारीख लिखकर रखना भी फायदेमंद हो सकता है।
मदद करें, लेकिन अपनी आर्थिक सीमा में रहकर
कई लोग भावनाओं में आकर जरूरत से ज्यादा पैसा उधार दे देते हैं, जिससे बाद में उन्हें खुद आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसलिए उधार देते समय यह जरूर सोचें कि अगर पैसा देर से वापस आए तो क्या आपकी आर्थिक स्थिति पर असर पड़ेगा। उतना ही पैसा देना बेहतर होता है, जिससे आपकी अपनी जरूरतें प्रभावित न हों।
पैसे और रिश्तों के बीच संतुलन रखे
हर बार उधार देना जरूरी नहीं होता। अगर आपको लगता है कि पैसा देने से भविष्य में परेशानी हो सकती है या सामने वाला समय पर पैसा नहीं लौटा पाएगा, तो साफ और विनम्र तरीके से मना करना भी सही फैसला हो सकता है। कई बार सही समय पर लिया गया यह निर्णय रिश्तों को खराब होने से भी बचा लेता है।
Written by : Anushka sagar
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