नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने रविवार 11, अक्टूबर को दिल्ली में CJP विरोध-प्रदर्शन के दौरान लगाई गई पाबंदियों की तुलना 1975-76 की इमरजेंसी से किए जाने पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी को यह समझने की ज़रूरत है कि इंदिरा गांधी के शासनकाल में देश किन हालात से गुज़रा था।
1975-76 की इमरजेंसी से तुलना करना गलत: BJP
राजधानी में लगाए गए बैरिकेड्स को लेकर हो रही आलोचना पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि कुछ लोग एक किलोमीटर के दायरे में बैरिकेड्स लगाए जाने को ही "इमरजेंसी" बता रहे हैं। उन्होंने तर्क दिया कि आज लोग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की खुलकर आलोचना कर सकते हैं, यहां तक कि बेबुनियाद या बेतुकी बातें भी कह सकते हैं लेकिन, उन्हें इमरजेंसी के दौरान लगाई गई पाबंदियों का सामना नहीं करना पड़ता।
‘अघोषित आपातकाल’ का आरोप बेबुनियाद: भाजपा
दरअसल, 10 अक्टूबर को दिल्ली में प्रदर्शन के मद्देनजर व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। कई प्रदर्शनकारियों और राजनीतिक नेताओं को हिरासत में लिया गया। इस कार्रवाई के बाद विपक्षी दलों ने सरकार पर निशाना साधा और प्रदर्शन के दौरान लगाए गए प्रतिबंधों पर सवाल उठाए। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी ‘अघोषित आपातकाल’ का आरोप लगाया और बताया कि विपक्षी नेता इस मुद्दे पर सोमवार को भारत के मुख्य न्यायाधीश से मिलने की योजना बना रहे हैं।