Abhijeet Dipke Detention: तिरंगा मार्च निकालने की तैयारी के बीच हिरासत में लिए गए कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के कार्यकर्ता अभिजीत दिपके को शनिवार दोपहर करीब 12 बजे मंदिर मार्ग थाने में स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट (SEM) के सामने पेश किया जाएगा। उनके वकील रत्ना सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर यह जानकारी दी है। दिपके की हिरासत को लेकर उठे सवालों के बीच अब सबकी नजर मजिस्ट्रेट के सामने होने वाली पेशी पर टिकी है।
दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार को दिपके को नई दिल्ली स्थित उनके आवास से हिरासत में लिया था। पुलिस ने यह कार्रवाई भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत लागू निषेधाज्ञा के उल्लंघन की आशंका के मद्देनजर की। हालांकि, CJP के प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि दिपके को हिरासत में लेने के बाद ऐसी जगह ले जाया गया, जिसकी तत्काल जानकारी नहीं दी गई और उनके वकीलों को भी उनसे मिलने का मौका नहीं मिला।
दिल्ली में तिरंगा मार्च के दौरान हंगामा, पुलिस ने दर्ज कीं FIR
शुक्रवार को दिल्ली के कनॉट प्लेस स्थित सेंट्रल पार्क के बाहर तिरंगा मार्च निकाला गया। CJP ने 16 अक्टूबर को ‘लहरा दो तिरंगा’ मार्च का आह्वान किया था। इस दौरान इलाके में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे।
दिल्ली पुलिस के अधिकारियों के मुताबिक, बार-बार घोषणा कर लोगों को एकत्र नहीं होने के लिए कहा गया था। इसके बावजूद कनॉट प्लेस के आसपास भीड़ जुटी। पुलिस ने निषेधाज्ञा के उल्लंघन के मामलों में कई FIR दर्ज की हैं। अधिकारियों ने यह भी कहा कि बार-बार नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
150 से ज्यादा प्रदर्शनकारी हिरासत में
प्रदर्शन के दौरान अभिजीत दिपके के अलावा कई छात्र और राजनीतिक कार्यकर्ताओं को भी हिरासत में लिया गया। इनमें ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की अध्यक्ष नेहा बोरा भी शामिल हैं, जिन्हें मंडी हाउस के पास हिरासत में लिया गया।
पुलिस कार्रवाई के बीच 150 से अधिक प्रदर्शनकारियों को भी हिरासत में लिए जाने की जानकारी सामने आई है। सुरक्षा व्यवस्था के तहत सेंट्रल पार्क को दो दिनों के लिए बंद कर दिया गया और इलाके में बैरिकेडिंग के साथ अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई।
दिपके की हिरासत का पुराना मामला भी चर्चा में
अभिजीत दिपके का यह मामला उनके खिलाफ पहले हुई निवारक कार्रवाई से अलग है। इससे पहले 10 अक्टूबर को विमान से यात्रा करते समय उन्हें हिरासत में लिया गया था। उस मामले में उन्हें एक साल तक शांति बनाए रखने का आश्वासन देने वाला बांड भरने की शर्त रखी गई थी। CJP की ओर से रत्ना सिंह ने आरोप लगाया कि शुक्रवार की हिरासत के बाद दिपके के ठिकाने की जानकारी नहीं मिल रही थी और वकील उनसे मुलाकात नहीं कर पा रहे थे। अब शनिवार को मजिस्ट्रेट के सामने पेशी की जानकारी सामने आने के बाद मामले में आगे की कार्रवाई पर नजर बनी हुई है।
चुनाव आयोग के खिलाफ भी प्रदर्शन
दिल्ली में शुक्रवार को आम आदमी पार्टी (AAP) के कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने भी तिरंगा मार्च निकालकर चुनाव आयोग के खिलाफ विरोध जताया। विपक्षी दलों, INDIA गठबंधन के नेताओं और छात्र संगठनों की ओर से मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और चुनावी प्रक्रिया को लेकर लगातार सवाल उठाए जा रहे हैं।
फिलहाल अभिजीत दिपके की पेशी और पुलिस की आगे की कार्रवाई इस पूरे घटनाक्रम में अहम मानी जा रही है। दूसरी ओर, निषेधाज्ञा के उल्लंघन को लेकर दर्ज FIR और हिरासत में लिए गए अन्य प्रदर्शनकारियों के मामलों पर भी नजर बनी हुई है।
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