
यूपी विधानसभा में सीएम योगी आदित्यनाथ की तारीफ करना सपा विधायक पूजा पाल को भारी पड़ गया। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कौशांबी की चायल से विधायक पूजा पाल को पार्टी से निष्काषित कर दिया गया है। बताया जा रहा है कि सपा ने इससे पहले भी पूजा पाल को मौका दिया था जब उन्होंने पार्टी से बगावत करके राज्यसभा चुनाव में भाजपा के पक्ष में क्रॉस वोटिंग की थी। हालांकि पार्टी ने पूजा पाल की दूसरी 'गलती' को माफ ना करते हुए उन्हें पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया है।
यूपी विधानसभा के मानसून सत्र में पूजा पाल ने सीएम योगी की तारिफ करते हुए कहा था कि मुख्यमंत्री ने ज़ीरो टॉलरेंस जैसी नीतियां लाकर अतीक अहमद जैसे अपराधियों मिट्टी मिलाया है। आज पूरा प्रदेश मुख्यमंत्री की ओर विश्वास से देखता है। 'मेरे पति के हत्यारे अतीक अहमद को मुख्यमंत्री ने मिट्टी में मिलाने का काम किया। जब मैं इस लड़ाई से थकने लगी, तब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मुझे न्याय दिलाया।
साल 2005 में हुई थी पति की हत्या
बता दें कि पूजा पाल के पति पूर्व विधायक राजू पाल की साल 2005 में प्रयागराज (तब इलाहाबाद) में हत्या कर दी गई थी। माफिया अतीक अहमद और उनके लोगों पर राजू पाल की हत्या का आरोप लगा था। जानकारी के अनुसार इस हत्या के पीछे चुनावी रंजिश थी। दरअसल, राजू पाल ने 2004 में अतीक के भाई अशरफ को चुनाव में हराया था। उनकी हत्या के पीछे यही कारण बताया जाता है।
पूजा पाल पर पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप
अखिलेश यादव के हस्ताक्षर से गुरुवार को पूजा पाल को संबोधित निष्कासन पत्र दिया गया। इस पत्र में लिखा है कि आप पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल हुईं। इसे लेकर आपको सचेत किया गया। इसके बाद भी गतिविधियां बंद नहीं हुईं। इसके कारण पार्टी को काफी नुकसान हुआ है। आपके द्वारा किया गया कार्य पार्टी विरोधी और गंभीर अनुशासनहीनता है।
पत्र में आगे लिखा गया था कि आपको समाजवादी पार्टी से तत्काल प्रभाव से निष्कासित किया जाता है। इसके साथ ही आपको समाजवादी पार्टी के सभी पदों से भी हटाया जाता है। यह भी लिखा है कि आप पार्टी के किसी कार्यक्रम या बैठक आदि में भाग नहीं लेंगी और न ही आपको बुलाया जाएगा।
पहले भी दिया गया था मौका
बता दें कि राज्यसभा चुनाव में पूजा पाल समेत सपा के आठ विधायकों ने पार्टी से बगावत करके भाजपा के पक्ष में क्रॉस वोटिंग की थी। इन आठ बागी बिधायकों में से सपा ने चार विधायकों को पिछले दिनों ही पार्टी से निकाल दिया था। केवल चार विधायकों को निष्काषित किए जाने को लेकर जब अखिलेश यादव से सवाल पूछे गए थे तो उन्होंने कहा था कि बाकि विधायकों को सुधरने का मौका दिया गया है।
-Shraddha Mishra