
भारत के चुनाव आयोग ने गुरुवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी के "वोट चोरी" वाले आरोप का जवाब देते हुए कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की। चुनाव आयोग ने विपक्षी पार्टियों पर पलटवार करते हुए कहा कि 'वोट चोरी' जैसे 'गंदे शब्दों' का इस्तेमाल करके झूठी कहानी बनाने की कोशिश केवल करोड़ों भारतीय मतदाताओं पर नहीं बल्कि लाखों चुनाव कर्मचारियों की ईमानदारी पर भी हमला है।
चुनाव आयोग ने एक व्यक्ति को केवल एक ही वोट डालने की अनुमति देने के कानून को दोहराते हुए साफ कहा कि अगर किसी के पास किसी व्यक्ति द्वारा दो बार मतदान करने का कोई सबूत है, तो उसे एक लिखित हलफनामे के साथ चुनाव आयोग के साथ साझा करें ना की बिना किसी सबूत के भारत के सभी मतदाताओं को 'चोर' बताएं।
'एक व्यक्ति एक वोट' का कानून अस्तित्व में है- EC
चुनाव आयोग ने कहा की "एक व्यक्ति एक वोट" भारत के पहले चुनाव 1951-1952 से ही अस्तित्व में है। EC ने आगे कहा कि, "अगर किसी के पास किसी भी चुनाव में किसी व्यक्ति द्वारा दो बार मतदान करने का कोई सबूत है, तो उसे लिखित हलफनामे के साथ चुनाव आयोग के साथ साझा किया जाना चाहिए , न कि बिना किसी सबूत के भारत के सभी मतदाताओं को "चोर" करार दिया जाना चाहिए।"
ना करें 'वोट चोरी' जैसे 'गंदे शब्दों' का इस्तेमाल- EC
चुनाव आयोग ने कहा, "हमारे मतदाताओं के लिए "वोट चोरी" जैसे गंदे वाक्यांशों का उपयोग करके झूठी कहानी बनाने की कोशिश न केवल करोड़ों भारतीय मतदाताओं पर सीधा हमला है, बल्कि लाखों चुनाव कर्मचारियों की ईमानदारी पर भी हमला है।"
राहुल गांधी ने लगाया था वोट चोरी का आरोप
बता दें कि राहुल गांधी ने कुछ दिनों पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस करके वोटर लिस्ट में गड़बड़ी और चुनाव आयोग पर वोट चोरी का आरोप लगाया था। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी नेआरोप लगाते हुए कहा था कि कर्नाटक के बेंगलुरु सेंट्रल लोकसभा क्षेत्र के महादेवपुरा विधानसभा क्षेत्र में भाजपा की जीत सुनिश्चित करने के लिए 1,00,250 से अधिक "फर्जी वोट" बनाए गए थे।
-Shraddha Mishra