INDRA-2026: भारत-रूस की दोस्ती किसी से छुपी नहीं है। इसी बीच दोनों देशों की सेना द्वारा जापान से सटे फार ईस्ट इलाके में सैन्य अभ्यास लगातार जारी है। नौसेना के साथ-साथ वायु सेना भी इस अभ्यास में बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रही है। रूस के रक्षा मंत्रालय ने एक बयान जारी करके बताया कि इस अभ्यास को फार ईस्ट के चेलयबिंस्क इलाके में सेंट्रल मिलिट्री डिस्ट्रिक में मंगलवार को आयोजित किया गया।
यह सैन्य अभ्यास अभी 23 अक्टूबर तक चलेगा। यह अभ्यास दुश्मन देशों के होश उड़ाने के लिए काफी है। चलिए आपको बताते है इससे जुड़ी सभी अहम जानकारी।
भारत-रूस संयुक्त सैन्य अभ्यास से कांप उठेंगे दुश्मन देश
भारत और रूस का संयुक्त सैन्य अभ्यास INDRA 2026 अभी रूस में चल रहा है, जिसमें नौसेना, थल सेना और वायु सेना मिलकर काम कर रही हैं। भारतीय नौसेना के जहाज 'आईएनएस सह्याद्रि' और रूसी नौसेना के जहाज 'अल्दार त्सिदेनझापोव' की ऑपरेशनल टीमों के बीच एक योजना बैठक के बाद, नौसैनिक हिस्से का 'हार्बर चरण' व्लादिवोस्तोक में शुरू हो गया है।
समुद्री चरण 16 से 17 अक्टूबर तक 'सी ऑफ जापान' यानि (जापान सागर) में आयोजित किया जाएगा। इसमें हिस्सा लेने वाले युद्धपोत कई तरह की सामरिक गतिविधियां करेंगे। इनमें समुद्री और हवाई लक्ष्यों पर तोप से गोले दागने का अभ्यास, निरीक्षण अभियान, और आतंकवादियों द्वारा कब्जा किए गए जहाज को छुड़ाने का रिहर्सल शामिल है।
क्यों खास है यह सैन्य अभ्यास?
भारत के आस-पास कई ऐसे पड़ोसी देश है, जो भारत का हमेशा बुरा चाहते है। हम बात कर रहे है चीन, पाकिस्तान और अब बांग्लादेश जैसे देशों के बारे में, यही कारण है कि समय-समय पर भारत अपनी ताकत का प्रदर्शन करता रहता है, ताकि दुश्मनों देशों को यह इशारा दिया जा सके कि भारत के खिलाफ साजिश रचने वालों को मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा। इसके अलावा भारत और रूस की याराना काफी पुराना है जो इस सैन्य अभ्यास को और खास बना देता है।