राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में इस साल दशहरा समारोह के दौरान एक अनोखा नजारा देखने को मिलेगा। श्री केशव रामलीला समिति ने रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों के साथ 30 फुट ऊंचे कॉकरोच (तिलचट्टे) का पुतला जलाने का फैसला किया है। यह पुतला गंदगी और अस्वच्छ परिस्थितियों का प्रतीक होगा। समिति का उद्देश्य लोगों को अपने घरों, आसपास के वातावरण और पूरे समाज को स्वच्छ रखने के प्रति जागरूक करना है।

गंदगी के खिलाफ संदेश देना है उद्देश्य

श्री केशव रामलीला समिति के अध्यक्ष और मॉडल टाउन के विधायक अशोक गोयल देवराहा ने गुरुवार को मीडिया से बातचीत में इस फैसले की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि विजयादशमी असत्य पर सत्य, बुराई पर अच्छाई और अधर्म पर धर्म की जीत का प्रतीक है। वर्षों से रावण, मेघनाद और कुंभकर्ण के पुतले जलाकर यही संदेश दिया जाता रहा है।

देवराहा के अनुसार, समिति पहले भी नक्सलवाद और आतंकवाद जैसी देश की समस्याओं को दर्शाने के लिए अतिरिक्त पुतले जलाती रही है। इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए इस वर्ष गंदगी के खिलाफ प्रतीकात्मक संदेश देने का निर्णय लिया गया है।

पीतमपुरा में होगा 30 फुट ऊंचे पुतले का दहन

समिति के मैदान, नेताजी सुभाष प्लेस (NSP), पीतमपुरा में कॉकरोच का विशाल पुतला जलाया जाएगा। देवराहा ने बताया कि पुतले को बिल्कुल तिलचट्टे जैसा आकार दिया जाएगा, जिससे यह आकर्षण का केंद्र बनेगा। उन्होंने कहा कि गंदगी ऐसी समस्या है, जिससे देश, समाज और आसपास के वातावरण को छुटकारा दिलाना जरूरी है।

कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शनों के बीच फैसला

यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है, जब कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) दिल्ली में लगातार विरोध-प्रदर्शन कर रही है। पार्टी ने जून और जुलाई में पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ प्रदर्शन किए थे। अब मतदाता सूची संशोधन प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की जा रही है।

इसी बीच, पार्टी कार्यकर्ता अभिजीत दिपके ने शुक्रवार को 'लहरा दो तिरंगा' रैली का प्रस्ताव रखा है। सेंट्रल पार्क में प्रस्तावित प्रदर्शन को देखते हुए कनॉट प्लेस और आसपास के इलाकों में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं।

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