नई दिल्ली: राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की विशेष अदालत ने जम्मू-कश्मीर से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में अलगाववादी नेता यासीन मलिक एवं अन्य छह आरोपियों के खिलाफ आरोप तय कर दिए हैं। इस मामले को लेकर प्रवर्तन निदेशालय (ED) का आरोप है कि इन लोगों ने हवाला नेटवर्क के माध्यम से विदेशों से धन प्राप्त किया एवं उसका इस्तेमाल गैरकानूनी गतिविधियों के लिए किया।
आतंकी संगठनों से 8.94 करोड़ अर्जित की रकम
प्रवर्तन निदेशालय के आरोपों के अनुसार, इन आरोपियों ने कथित तौर पर पाकिस्तान एवं अन्य आतंकी संगठनों से अलग-अलग माध्यमों से 8.94 करोड़ की अपराध से अर्जित रकम जुटाई और इन पैसा को भारत तक पहुंचाया। इस मामले में ED का दावा है कि इस धन का उपयोग जम्मू-कश्मीर में अलगाववादी और विध्वंसक गतिविधियों को समर्थन देने के लिए किया गया।
आतंकी फंडिंग मामले का दोषी है यासीन मलिक
दरअसल, यासीन मलिक पहले से ही जम्मू-कश्मीर आतंकी फंडिंग मामले में दोषी ठहराए जा चुके हैं और आजीवन कारावास की सजा काट रहे हैं। राष्ट्रीय जांच एजेंसी और प्रवर्तन निदेशालय की विभिन्न जांचों में उन पर विदेशी फंडिंग एवं आतंकी वित्तपोषण से जुड़े आरोप लगाए गए हैं। अदालत द्वारा आरोप तय किए जाने के बाद अब इस मामले की सुनवाई होगी एवं अभियोजन पक्ष आरोपों को साबित करने के लिए साक्ष्य पेश करेगा।