नई दिल्ली: मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ 2 अक्टूबर को जंतर-मंतर के पास हुए प्रदर्शन को लेकर दिल्ली पुलिस ने कम से कम तीन FIR दर्ज की हैं। पुलिस के मुताबिक, दो मामले संसद मार्ग थाना और एक FIR कनॉट प्लेस थाने में दर्ज की गई है।
यह प्रदर्शन विपक्षी दलों की ओर से चुनाव आयोग के कामकाज और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को लेकर किया गया था। पुलिस ने प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी थी और मध्य दिल्ली में निषेधाज्ञा लागू की गई थी। इसके बावजूद बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर के आसपास जुट गए।
पुलिस ने इन मामलों में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 223, 221, 132 और 3(5) के तहत कार्रवाई की है। इन धाराओं के तहत निषेधाज्ञा का उल्लंघन, सरकारी कर्मचारी के काम में बाधा डालने और गैरकानूनी जमावड़े जैसे आरोपों से जुड़े प्रावधान शामिल हैं। मामले की जांच की जा रही है।
प्रदर्शन के दौरान विपक्षी नेताओं ने मतदाता सूची से जुड़े SIR अभियान में कथित गड़बड़ियों का आरोप लगाया और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग की। आम आदमी पार्टी के विधायक सौरभ भारद्वाज समेत कई विपक्षी नेताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया था।
यह पूरा विवाद उस रिपोर्ट के बाद और बढ़ गया, जिसमें द इंडियन एक्सप्रेस ने दावा किया था कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने करीब 10 महीने के दौरान कम से कम 14 मौकों पर मतदाता सूची, वोटर रजिस्ट्रेशन और चुनाव आयोग की तकनीकी व्यवस्था से जुड़े फैसलों पर आपत्ति जताई थी।
कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने प्रदर्शन के दौरान कहा कि कांग्रेस और INDIA ब्लॉक के नेता गिरफ्तारी का सामना करने के लिए तैयार हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग के जरिए आम लोगों के वोट छीने जा रहे हैं।
वेणुगोपाल ने कहा कि यह लड़ाई देश के लोकतंत्र और आम आदमी के वोट को बचाने के लिए है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और INDIA गठबंधन इस मुद्दे पर पीछे हटने वाले नहीं हैं।