छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बुधवार को कहा कि छत्तीसगढ़ और ओडिशा के बीच लंबे समय से चले आ रहे महानदी जल विवाद के समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है, उन्होंने कहा कि दोनों राज्यों और केंद्र में भाजपा की सरकार होने से इस मुद्दे के समाधान के लिए अनुकूल माहौल बना है।
अमित शाह की मौजूदगी में गुरुवार को दिल्ली में होगी बैठक
रायपुर में देवेंद्र नगर चौक से लाल चौक तक आयोजित 'नशा मुक्त भारत अभियान' के तहत पदयात्रा के दौरान मुख्यमंत्री साय ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों को गुरुवार को दिल्ली में बैठक के लिए बुलाया है। बैठक में महानदी जल विवाद पर चर्चा होगी।
महानदी जल विवाद समाधान के करीब
मुख्यमंत्री साय ने कहा छत्तीसगढ़ और ओडिशा सरकारों के बीच महानदी के पानी को लेकर लंबे समय से विवाद चला आ रहा है। अब दोनों राज्यों के साथ-साथ केंद्र में भी भाजपा की सरकार है। इससे अनुकूल माहौल बना है और यह मुद्दा अब समाधान के करीब है।
उन्होंने कहा कि बैठक में छत्तीसगढ़ और ओडिशा के दोनों मुख्यमंत्री शामिल होंगे और केंद्रीय गृह मंत्री की मौजूदगी में आपसी सहमति को औपचारिक रूप दिया जाएगा। साय ने कहा कि दोनों राज्यों के बीच इस मुद्दे पर प्रभावी रूप से सुलह हो चुकी है और जल्द ही जल विवाद का समाधान हो जाएगा।
31 अगस्त की बैठक में बनी थी सहमति
इससे पहले 31 अगस्त को महानदी जल विवाद के समाधान की दिशा में छत्तीसगढ़ और ओडिशा के मुख्य सचिवों तथा जल संसाधन विभाग के सचिवों की नई दिल्ली में बैठक हुई थी। आधिकारिक बयान के अनुसार, दोनों राज्यों ने लोगों के हित में आपसी सहमति से समाधान निकालने की आवश्यकता पर जोर दिया था।
तकनीकी समितियां हर सप्ताह करेंगी बैठक
बैठक में यह निर्णय लिया गया था कि सितंबर 2025 से दोनों राज्यों के इंजीनियरों और विशेषज्ञों वाली तकनीकी समितियां हर सप्ताह बैठक करेंगी। ये समितियां प्रमुख मुद्दों की पहचान करने, उनके समाधान तलाशने और दोनों राज्यों के बीच बेहतर समन्वय के लिए एक व्यवस्था विकसित करने की संभावनाओं पर काम करेंगी।
वहीं, 24 जुलाई को ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने भी महानदी विवाद को लेकर उच्चस्तरीय बैठक की थी, उन्होंने केंद्र के सहयोग से आपसी बातचीत के जरिए विवाद का समाधान निकालने पर जोर दिया था। बैठक में महाधिवक्ता और विकास आयुक्त समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
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2016 में ओडिशा ने की थी ट्रिब्यूनल बनाने की मांग
महानदी जल विवाद को लेकर 2016 में ओडिशा सरकार ने अंतर-राज्यीय नदी जल विवाद अधिनियम, 1956 की धारा 3 के तहत केंद्र सरकार के समक्ष शिकायत दर्ज कराई थी। ओडिशा ने केंद्र से अधिनियम की धारा 4(1) के तहत महानदी और उसके बेसिन से जुड़े जल विवादों के निपटारे के लिए ट्रिब्यूनल गठित करने की मांग की थी। यह विवाद महानदी के पानी के बंटवारे और इसके बेसिन में जल संसाधनों के उपयोग को लेकर छत्तीसगढ़ और ओडिशा के बीच लंबे समय से चला आ रहा है।