West Bengal: पश्चिम बंगाल के मंत्री और भाजपा नेता दिलीप घोष ने INDIA गठबंधन पर निशाना साधा है। मंत्री दिलीप घोष ने कहा है विपक्ष के किसी भी नेता में भाजपा को चुनावी मैदान में हराने का साहस नहीं है। उन्होंने इंडिया गठबंधन पर की एकता और नेतृत्व पर सवाल उठाए हैं। नेता दिलीप घोष ने कहा है कि इसके घटक दल एक-दूसरे का सम्मान नहीं करते हैं। कोई भी विपक्षी पार्टी या नेता भाजपा का मुकाबला नहीं कर सकता है।

भाजपा से चुनाव लड़ने की क्षमता नहीं

इंडिया गठबंधन का नेता कौन है? यह सवाल करते हुए मंत्री दिलीप घोष ने INDIA गठबंधन पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि, ये लोग एक-दूसरे का ही सम्मान नहीं करते। किसी में भी भाजपा से चुनाव लड़ने की क्षमता नहीं है और भाजपा को हराने का साहस भी किसी पार्टी में नहीं है। उनकी इस टिप्पणी से भारत में गठबंधन की पार्टियों द्वारा मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन (SIR) के खिलाफ उठाई आवाज को लेकर की गई है।

मंत्री दिलीप घोष का यह बयान उस समय आया है जब विपक्षी पार्टियां चुनाव आयोग के खिलाफ संयुक्त विरोध कार्यक्रम की घोषणा करने और मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर एक बड़ी बैठक कर चुकी है।

जनता भाजपा के कामकाज से खुश

उन्होंने दावा करते हुए यह भी कहा कि जनता भाजपा के कामकाज से संतुष्ट है और विपक्ष पर चुनाव से पहले भ्रम की स्थिति पैदा करने का आरोप लगाया। जनता भाजपा के कामकाज से खुश है। ये लोग चुनाव से पहले ही हंगामे की तैयारी करके लोगों को भ्रमित करने का प्रयास कर रहे हैं। बुधवार को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त कुमार पर तीखा हमला बोलते हुए प्रधानमंत्री मोदी पर चुनावी परिणामों में गड़बड़ी करने का आरोप लगाया।

राहुल गांधी ने सवाल करते हुए कहा था कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ही एकमात्र भारतीय क्यों हैं जिन्हें आजीवन पूर्ण कानूनी छूट प्राप्त है? राहुल गांधी ने यह भी कहा कि इसका सीधा मतलब प्रधानमंत्री मोदी उनका इस्तेमाल चुनाव में धांधली करवाने के लिए कर रहे हैं।

मल्लिकार्जुन खडगे ने की थी घोषणा

बीते दिन दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में इंडिया गठबंधन की बैठक हुई थी। इसमें कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, शिवसेना (यूबीटी), एनसीपी (एसपी), आरजेडी और वामपंथी दलों सहित कई विपक्षी दल के कई बड़े नेता शामिल हुए। बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खडगे ने 2 से 8 अक्टूबर तक राष्ट्रव्यापी "लोकतंत्र बचाओ मार्च" की घोषणा की थी। विपक्षी सांसद 6 अक्टूबर को चुनाव आयोग मुख्यालय तक मार्च करने वाले हैं। वे अक्टूबर के दूसरे सप्ताह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात करने की योजना बना रहे हैं।

जब विपक्ष है एकजुट उस समय आया बयान


मंत्री दिलीप घोष का यह बयान पश्चिम बंगाल सियासत में विपक्षी एकता बनाम सत्ताधारी दल के दावों के बीच ऐसे समय पर आया है, जब इंडिया गठबंधन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के तत्काल इस्तीफे, एसआईआर प्रक्रिया को रद्द करने, भविष्य के चुनावों के लिए एसआईआर से पहले की मतदाता सूचियों के उपयोग और ईवीएम के स्थान पर मत पत्रों को फिर से लागू करने की मांग पर अड़ा है। इतना ही विपक्ष मतदाता सूचियों से बाहर किए गए मतदाताओं के लिए एक प्रभावी अपील तंत्र की भी कर रहा है।

विपक्ष के आरोपों को किया खारिज

भाजपा ने चुनाव आयोग के खिलाफ विपक्ष द्वारा लगाए गए तमाम आरोपों को भी सिरे से खारिज कर दिया है। साथ ही अपने प्रतिद्वंद्वियों पर चुनावी असफलताओं के बाद चुनाव निकाय को निशाना बनाने का आरोप लगाया है। यह ताजा विवाद 2027 में होने वाले कई राज्य चुनावों से पहले मतदाता सूचियों और चुनाव आयोग के कामकाज को लेकर बढ़ते राजनीतिक टकराव के बीच सामने आया है।