नई दिल्ली: CJP के संस्थापक और कार्यकर्ता अभिजीत दिपके ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सत्ता में बैठे लोगों से जवाब मांगना अराजकता नहीं, बल्कि लोकतंत्र की बुनियादी पहचान है। उन्होंने शांतिपूर्ण प्रदर्शनों को आर्थिक गतिविधियों में बाधा पहुंचाने वाला बताने के दावों को खारिज किया। दिपके के मुताबिक, कारोबार और आम लोगों को असली परेशानी तब होती है, जब प्रशासन शहर में पाबंदियां लगाता है, इंटरनेट सेवाएं बंद करता है और नागरिकों की आवाजाही सीमित कर देता है।

उनकी यह टिप्पणी दिल्ली के कनॉट प्लेस स्थित सेंट्रल पार्क में CJP के प्रस्तावित ‘लहरा दो तिरंगा’ प्रदर्शन से पहले आई है। प्रदर्शन को देखते हुए इलाके में सुरक्षा बढ़ाई गई है और यातायात प्रभावित होने की आशंका जताई गई है।

शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना हमारा संवैधानिक अधिकार
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी बात रखते हुए दिपके ने कहा कि उनकी पार्टी महात्मा गांधी के अहिंसा और शांतिपूर्ण विरोध के रास्ते पर चलने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने दावा किया कि मुंबई, पुणे, जयपुर, लखनऊ, बेंगलुरु और नागपुर में पार्टी की ओर से किए गए प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहे हैं।

दिपके ने यह भी आरोप लगाया कि जयपुर में उन पर व्यक्तिगत रूप से हमला किया गया, लेकिन उन्होंने जवाबी हिंसा का रास्ता नहीं चुना। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी शारीरिक बल का इस्तेमाल करने के बजाय संविधान की ओर से दिए गए अधिकारों के तहत अपनी बात रखना चाहती है।

विपक्ष में प्रदर्शन लोकतांत्रिक अधिकार, सत्ता में आते ही खतरा?
CJP संस्थापक ने सत्तारूढ़ दलों पर विरोध प्रदर्शनों को लेकर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जो राजनीतिक दल विपक्ष में रहते हुए सड़कों पर उतरकर सरकार से सवाल पूछते हैं, वही सत्ता में आने के बाद इसी तरह के प्रदर्शनों को कानून-व्यवस्था के लिए खतरा बताने लगते हैं। दिपके के मुताबिक, अन्याय के खिलाफ प्रदर्शन करना और सार्वजनिक पदों पर बैठे लोगों से जवाब मांगना अराजकता नहीं है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में चुनाव जीतने के बाद सरकार की जवाबदेही समाप्त नहीं हो जाती।

उन्होंने कहा कि जनता के वोट से चुनी गई सरकार की जिम्मेदारी लोगों की बात सुनना है, उन्हें चुप कराना नहीं। वोटों की गिनती पूरी होने के बाद लोकतंत्र खत्म नहीं हो जाता।

दिल्ली में प्रदर्शन से पहले सुरक्षा बढ़ाई गई
CJP कार्यकर्ता अभिजीत दिपके ने शुक्रवार, 16 अक्टूबर को कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में ‘लहरा दो तिरंगा’ प्रदर्शन का आह्वान किया था। इसके मद्देनजर कनॉट प्लेस और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई है।

दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने बताया कि प्रदर्शन के मद्देनजर शुक्रवार दोपहर 3 बजे से कनॉट प्लेस और आसपास की कुछ सड़कों पर यातायात प्रभावित हो सकता है। पुलिस ने लोगों को यात्रा की योजना पहले से बनाने, पर्याप्त समय लेकर निकलने और जहां संभव हो सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करने की सलाह दी है। जरूरत पड़ने पर यातायात डायवर्जन भी लागू किए जा सकते हैं।

16 और 17 अक्टूबर को आम लोगों के लिए बंद रहेगा सेंट्रल पार्क
नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (NDMC) ने प्रशासनिक कारणों का हवाला देते हुए कनॉट प्लेस स्थित सेंट्रल पार्क को 16 और 17 अक्टूबर को आम लोगों के लिए बंद रखने की घोषणा की है।

वहीं, दिल्ली पुलिस ने बताया कि कनॉट प्लेस और आसपास के क्षेत्रों में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा पहले से लागू है। दिल्ली पुलिस ने CJP के प्रस्तावित प्रदर्शन से जुड़े मामलों पर दिल्ली हाई कोर्ट को यह भी आश्वासन दिया कि संबंधित चिंताओं से निपटने के लिए कानून के तहत सभी संभव कदम उठाए जाएंगे।

ऐसे में शुक्रवार को प्रस्तावित प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था, यातायात प्रबंधन और सार्वजनिक आवाजाही पर प्रशासन की नजर रहेगी। 

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