
पश्चिम बंगाल में भाजपा की सरकार बनते ही,ममता बनर्जी के बुरे दिन शुरू हो गए है। एक बाद एक पार्टी के गद्दावर नेता टीएमसी का साथ छोड़ रहे है। इसी कड़ी में गुरुवार को राज्यसभा सांसद प्रकाश चिक बराइक ने उच्च सदन से इस्तीफा दे दिया है। आपको बता दें, सुखेंदु शेखर रॉय और सुष्मिता देव के बाद यह तीसरे सांसद का इस्तीफा है। इसी के साथ अब राज्यसभा में टीएमसी के सांसदों की संख्या घटकर 10 सांसद रह जाएगी। सूत्रों के अनुसार अगले हफ़्ते के अंदर TMC के 3 और राज्यसभा सांसद इस्तीफ़ा दे सकते हैं, जिससे ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पार्टी के लिए संकट और गहरा सकता है।
इस्तीफे के बाद क्या बोले प्रकाश चिक बड़ाइक
वहीं इस्तीफा देने के सांसद प्रकाश चिक बड़ाइक ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा, "जनता की राय को मानते हुए, मैंने भी आज अपना इस्तीफा दे दिया है। जब उनसे पूछा गया कि क्या वह BJP में शामिल होंगे, तो उन्होंने कहा, "यह तो समय ही बताएगा।
टीएमसी की अंदरूनी बगावत सामने आया
पश्चिम बंगाल की सत्तारूढ़ टीएमसी इन दिनों अंदरूनी बगावत की खबरों को लेकर चर्चा में है। इसी बीच पार्टी के राज्यसभा सांसद प्रकाश चिक बराइक के इस्तीफे ने राजनीतिक हलकों में नई हलचल पैदा कर दी है। बताया जा रहा है कि यह घटनाक्रम टीएमसी विधायक दल के भीतर बढ़ते मतभेदों के बीच सामने आया है।
58 विधायकों ने ऋतब्रता बनर्जी का समर्थन किया
सूत्रों के अनुसार, पार्टी के 58 विधायकों ने नेतृत्व की राय से अलग जाकर नेता प्रतिपक्ष के पद के लिए ऋतब्रता बनर्जी का समर्थन किया, जबकि पार्टी नेतृत्व द्वारा शोभनदेव चट्टोपाध्याय को आधिकारिक उम्मीदवार बनाया गया था। इस घटनाक्रम को टीएमसी के भीतर बढ़ती नाराजगी का संकेत माना जा रहा है।
बराइक ने इस्तीफे में क्या लिखा?
प्रकाश चिक बराइक ने राज्यसभा के सभापति सी.पी. राधाकृष्णन को संबोधित अपने इस्तीफे में लिखा कि वे राज्यसभा की सदस्यता से तत्काल प्रभाव से इस्तीफा दे रहे हैं। उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान मिले सहयोग और समर्थन के लिए सभापति, उपसभापति तथा राज्यसभा सचिवालय के अधिकारियों का आभार भी व्यक्त किया।
कौन है प्रकाश चिक बराइक
प्रकाश चिक बराइक पश्चिम बंगाल के अलीपुरद्वार जिले के प्रमुख आदिवासी नेता हैं। वे अगस्त 2023 में टीएमसी के टिकट पर पश्चिम बंगाल से राज्यसभा के लिए निर्विरोध निर्वाचित हुए थे। अपने समुदाय से राज्यसभा पहुंचने वाले शुरुआती आदिवासी नेताओं में उनकी गिनती होती है। टीएमसी ने उन्हें अलीपुरद्वार जिला अध्यक्ष की जिम्मेदारी भी सौंपी थी।
Written By: Geeta Sharma















