
कांग्रेस ने मध्य प्रदेश से राज्यसभा चुनाव की उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन (Meenakshi Natarajan) को एक अहम जिम्मेदारी सौंपी है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे (Mallikarjun Kharge) ने पंजाब के मौजूदा राजनीतिक हालात का आकलन करने और उस पर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए तत्काल प्रभाव से अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के पर्यवेक्षक नियुक्त किए हैं। इस टीम में मीनाक्षी नटराजन, अजय माकन और भजन लाल जाटव शामिल हैं।
नटराजन का राज्यसभा चुनाव का नामांकन पत्र रद्द
इस बीच, मीनाक्षी नटराजन का राज्यसभा चुनाव के लिए दाखिल नामांकन पत्र रद्द कर दिया गया है। इस निर्णय को चुनौती देते हुए उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। मामले में सुनवाई 12 जून को निर्धारित की गई थी, हालांकि बाद में सुनवाई टलने की भी खबर सामने आई।
300 समर्थकों और कार्यकर्ताओं मुख्य चुनाव आयुक्त लिखा पत्र
नामांकन रद्द होने के बाद कांग्रेस के लगभग 300 समर्थकों, कार्यकर्ताओं और विभिन्न क्षेत्रों के प्रबुद्ध नागरिकों ने भारत के प्रधान न्यायाधीश और मुख्य चुनाव आयुक्त को एक खुला पत्र लिखकर चिंता व्यक्त की। पत्र में कहा गया कि यह मामला केवल एक उम्मीदवार तक सीमित नहीं है, बल्कि चुनावी निष्पक्षता, पारदर्शिता और लोकतांत्रिक भागीदारी से जुड़े व्यापक सवाल उठाता है।
कांग्रेस प्रवक्ता अवनि ने सोशल मीडिया पर शेयर की पत्र
कांग्रेस प्रवक्ता अवनि बंसल (Avani Bansal) ने इस पत्र को सोशल मीडिया मंच एक्स पर साझा किया। पत्र में कहा गया कि किसी उम्मीदवार का नामांकन खारिज करने की शक्ति का उपयोग अत्यंत सावधानी, पूर्ण पारदर्शिता और कानून के प्रति निष्ठा के साथ किया जाना चाहिए।
लोगों ने उठाया सवाल
पत्र पर हस्ताक्षर करने वालों ने यह भी सवाल उठाया कि क्या Representation of the People Act, 1951 तथा निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के तहत निर्धारित सभी वैधानिक प्रक्रियाओं का पालन किया गया था, उन्होंने जन प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 36 का उल्लेख करते हुए कहा कि नामांकन पत्र को केवल किसी गैर-महत्वपूर्ण या तकनीकी त्रुटि के आधार पर खारिज नहीं किया जाना चाहिए।
इस वजह से किया गया था नटराजन का नामांकन पत्र रद्द
वहीं, रिटर्निंग अधिकारी ने मीनाक्षी नटराजन का नामांकन शपथपत्र में कथित रूप से एक लंबित कानूनी मामले की जानकारी नहीं देने के आधार पर निरस्त कर दिया था। कांग्रेस ने इस फैसले को राजनीतिक रूप से प्रेरित बताते हुए इसका विरोध किया है, जबकि मामला अब न्यायिक समीक्षा के अधीन है।
Written By Toshi Shah















