
देशभर में बिजली वितरण कंपनियां तेजी से स्मार्ट मीटर स्थापित कर रही हैं। ये मीटर उपभोक्ताओं को बिजली खपत की सटीक और रियल-टाइम जानकारी उपलब्ध कराते हैं, जिससे खर्च पर बेहतर नियंत्रण रखा जा सकता है। हालांकि, कई लोग स्मार्ट मीटर लगवाने के बाद उसकी महत्वपूर्ण सेटिंग्स और सुविधाओं पर ध्यान नहीं देते। इसका असर सीधे उनके बैलेंस और बिजली खर्च पर पड़ सकता है। ऐसे में जानिए वे पांच जरूरी बातें जिन्हें स्मार्ट मीटर लगने के तुरंत बाद जांच लेना चाहिए।
सबसे पहले जानें मीटर प्रीपेड है या पोस्टपेड
कुछ राज्यों में पुराने प्रीपेड सिस्टम को धीरे-धीरे पोस्टपेड व्यवस्था में बदला जा रहा है। इसलिए अपने बिजली प्रदाता के आधिकारिक ऐप या पोर्टल पर लॉगिन करके बिलिंग संबंधी जानकारी जरूर देखें। यदि वहां पोस्टपेड मोड दिखाई देता है, तो आपको निर्धारित समय पर बिल का भुगतान करना होगा। वहीं, यदि रिचार्ज और उपलब्ध बैलेंस की जानकारी दिख रही है, तो आपका मीटर अभी प्रीपेड मोड में संचालित हो रहा है।
लो बैलेंस अलर्ट को सक्रिय रखें
स्मार्ट मीटर ऐप में आमतौर पर लो बैलेंस नोटिफिकेशन की सुविधा दी जाती है। इस विकल्प को ऑन रखने से बैलेंस कम होने पर मोबाइल पर तुरंत सूचना मिल जाती है। इससे अचानक बिजली कटने जैसी परेशानी से बचा जा सकता है। साथ ही सप्ताह में एक-दो बार ऐप पर जाकर बिजली खपत की समीक्षा करना भी फायदेमंद रहता है।
ज्यादा बिजली खर्च करने वाले उपकरणों की पहचान करें
घर में इस्तेमाल होने वाले कुछ उपकरण, जैसे पुराना फ्रिज, एयर कंडीशनर, गीजर या हीटर, सामान्य से अधिक बिजली की खपत कर सकते हैं। स्मार्ट मीटर के आंकड़ों की मदद से यह समझा जा सकता है कि किस समय बिजली का उपयोग सबसे अधिक हो रहा है। इसके आधार पर उपयोग की आदतों में बदलाव कर बिजली खर्च को कम किया जा सकता है।
स्टैंडबाय मोड वाले डिवाइस पर ध्यान दें
टीवी, वाई-फाई राउटर, मोबाइल चार्जर और माइक्रोवेव जैसे कई उपकरण बंद दिखने के बावजूद स्टैंडबाय मोड में बिजली लेते रहते हैं। यदि घर में कम उपयोग के बावजूद बिजली खपत बनी हुई है, तो इसकी वजह ऐसे उपकरण हो सकते हैं। जरूरत न होने पर इन्हें पूरी तरह स्विच ऑफ करना बेहतर विकल्प है।
रिचार्ज के बाद बैलेंस अपडेट अवश्य जांचें
कई बार रिचार्ज सफल होने के बावजूद मीटर में बैलेंस तुरंत अपडेट नहीं होता। ऐसी स्थिति में घबराने के बजाय रिचार्ज की रसीद सुरक्षित रखें और संबंधित बिजली कंपनी के हेल्पलाइन नंबर या ग्राहक सेवा केंद्र से संपर्क करें। इससे किसी भी तकनीकी समस्या का समाधान जल्दी कराया जा सकता है।
Written By Toshi Shah















