
स्मार्टफोन आज हमारी रोज़मर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन चुका है, लेकिन इसके साथ एक सवाल भी अक्सर लोगों के मन में आता है। क्या फोन से निकलने वाला रेडिएशन सेहत के लिए हानिकारक है? और क्या विमान मोड (Airplane Mode) ऑन करने से यह रेडिएशन पूरी तरह खत्म हो जाता है? इस विषय को समझना जरूरी है क्योंकि इससे जुड़ी कई गलत धारणाएं भी फैली हुई हैं।
आखिर होता क्या है स्मार्टफोन रेडिएशन?
मोबाइल फोन कॉल करने, मैसेज भेजने और इंटरनेट चलाने के लिए रेडियो फ्रीक्वेंसी (RF) सिग्नल का उपयोग करता है। जब आपका फोन मोबाइल टावर, Wi-Fi या Bluetooth डिवाइस से कनेक्ट होता है, तो वह इलेक्ट्रोमैग्नेटिक तरंगें छोड़ता है। इसी को सामान्य भाषा में मोबाइल रेडिएशन कहा जाता है। वैज्ञानिक दृष्टिकोण से देखें तो यह रेडिएशन नॉन-आयोनाइजिंग होता है। इसका मतलब यह है कि यह X-ray या गामा किरणों की तरह शरीर के अणुओं को तोड़ने की क्षमता नहीं रखता।
Airplane Mode लगाने पर क्या बदलता है?
जब आप Airplane Mode चालू करते हैं, तो फोन की लगभग सभी वायरलेस सेवाएं बंद हो जाती हैं। इसमें मोबाइल नेटवर्क, कॉल, SMS, मोबाइल डेटा, Wi-Fi और Bluetooth जैसे कनेक्शन शामिल होते हैं। इस स्थिति में फोन किसी टावर या नेटवर्क से संपर्क नहीं करता, इसलिए रेडियो सिग्नल का उत्सर्जन काफी हद तक कम हो जाता है। इसी कारण इसे रेडिएशन कम करने का एक सरल तरीका माना जाता है।
क्या Airplane Mode से रेडिएशन पूरी तरह खत्म हो जाता है?
पूरी तरह खत्म होना हमेशा संभव नहीं होता। अगर Airplane Mode ऑन करने के बाद आप Wi-Fi या Bluetooth फिर से चालू कर देते हैं, तो फोन दोबारा सिग्नल भेजना शुरू कर देता है। ऐसे में थोड़ी मात्रा में रेडिएशन मौजूद रहता है, लेकिन अगर सभी वायरलेस विकल्प बंद रखे जाएं, तो रेडियो फ्रीक्वेंसी उत्सर्जन लगभग नगण्य स्तर तक पहुंच जाता है।
लोग इसे रात में क्यों इस्तेमाल करते हैं?
बहुत से लोग सोते समय Airplane Mode ऑन कर देते हैं। इसका पहला कारण यह है कि अनचाही कॉल या नोटिफिकेशन नहीं आते। दूसरा कारण यह है कि फोन लगातार नेटवर्क खोजने की कोशिश नहीं करता, जिससे बैटरी की खपत भी कम हो जाती है और रेडिएशन भी घटता है।
क्या इससे बैटरी की बचत भी होती है?
ऐसा होता है। जब फोन नेटवर्क से जुड़ने या डेटा भेजने की कोशिश नहीं करता, तो उसकी ऊर्जा खपत कम हो जाती है। इसलिए बैटरी ज्यादा देर तक चलती है। यही वजह है कि यात्रा के दौरान या कमजोर नेटवर्क वाले इलाकों में लोग इस मोड का इस्तेमाल करते हैं। अगर सरल शब्दों में कहें तो Airplane Mode रेडिएशन और बैटरी दोनों को कुछ हद तक नियंत्रित करने में मदद करता है, लेकिन इसे पूरी तरह “शून्य रेडिएशन” मान लेना सही नहीं होगा।
Written By Toshi Shah















