Congress UP Election Strategy 2027: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को देखते हुए कांग्रेस ने अभी से अपनी चुनावी रणनीति पर काम शुरू कर दिया है। पार्टी प्रदेश में दो बड़े जनसंवाद अभियान शुरू करने जा रही है, जिनके जरिए वह जनता, युवाओं और छात्रों तक पहुंच बनाने की कोशिश करेगी।
कांग्रेस के इन अभियानों में पहला नाम ‘चढ़ावा चोरी के खिलाफ चौपाल’ और दूसरा ‘छात्रों की गूंज’ है। पार्टी का दावा है कि इन कार्यक्रमों के माध्यम से आम लोगों के मुद्दों को सीधे उठाया जाएगा और कार्यकर्ताओं को जमीनी स्तर पर सक्रिय किया जाएगा।कांग्रेस की योजना इन अभियानों को सिर्फ बड़े शहरों तक सीमित रखने की नहीं है। पार्टी इन्हें जिला, ब्लॉक मुख्यालयों और छोटे कस्बों तक ले जाने की तैयारी में है। इसमें कांग्रेस के सभी फ्रंटल संगठन, विभाग, प्रकोष्ठ और वरिष्ठ नेता भी शामिल होंगे।
राम मंदिर चंदे के मुद्दे को लेकर BJP को घेरने की तैयारी
कांग्रेस के ‘चढ़ावा चोरी के खिलाफ चौपाल’ अभियान में राम मंदिर निर्माण से जुड़े चंदे और चढ़ावे के मुद्दे को उठाया जाएगा।पार्टी का कहना है कि देशभर के लोगों ने श्रद्धा के साथ राम मंदिर निर्माण के लिए सहयोग दिया था, इसलिए मंदिर से जुड़े धन और चढ़ावे को लेकर उठ रहे सवालों का जवाब जनता के सामने आना चाहिए।कांग्रेस कार्यकर्ता चौपाल के जरिए लोगों से संवाद करेंगे और इस मुद्दे को लेकर भाजपा और केंद्र सरकार से जवाब मांगने की रणनीति पर काम करेंगे।
युवाओं और छात्रों पर कांग्रेस का फोकस
कांग्रेस का दूसरा बड़ा अभियान ‘छात्रों की गूंज’ होगा। इसके जरिए पार्टी छात्रों और युवाओं से जुड़े मुद्दों को चुनावी चर्चा के केंद्र में लाने की कोशिश करेगी।इस अभियान में शिक्षा व्यवस्था, रोजगार, प्रतियोगी परीक्षाओं और बेरोजगारी जैसे मुद्दों को प्रमुखता दी जाएगी। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि बड़ी संख्या में युवा इन समस्याओं से प्रभावित हैं और उनकी आवाज को मजबूती से उठाने की जरूरत है।पार्टी छात्र-छात्राओं के बीच जाकर उनकी समस्याएं सुनने और उन्हें अपने राजनीतिक एजेंडे का हिस्सा बनाने की तैयारी कर रही है।
अजय राय ने कार्यकर्ताओं को दिए सक्रिय होने के निर्देश
उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं से दोनों अभियानों में पूरी सक्रियता के साथ जुड़ने की अपील की है।कांग्रेस की कोशिश है कि इन अभियानों के जरिए संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत किया जाए और प्रदेश में अपना जनाधार बढ़ाया जाए।2027 के चुनाव को देखते हुए कांग्रेस एक तरफ धार्मिक मुद्दों के जरिए भाजपा को घेरने की तैयारी कर रही है, तो दूसरी तरफ युवाओं और छात्रों के सवालों के जरिए नए मतदाताओं तक पहुंच बनाने की कोशिश में जुटी है।अब देखने वाली बात होगी कि कांग्रेस के ये दोनों अभियान जमीन पर कितना असर दिखाते हैं और क्या पार्टी इन्हें चुनावी लाभ में बदल पाती है।