Pankaj Tripathi: राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता अभिनेता पंकज त्रिपाठी ने अपने शुरुआती संघर्ष के दिनों को याद करते हुए कहा कि सफलता रातोंरात नहीं मिलती। उन्होंने अपने अभिनय के सफर की तुलना खेती से करते हुए कहा कि जैसे किसान बीज बोने के बाद धैर्य के साथ फसल का इंतजार करता है, वैसे ही उन्होंने भी अपने करियर को समय दिया। एक बातचीत के दौरान पंकज त्रिपाठी ने कहा कि उन्होंने कभी खुद को प्रेरित रखने के लिए अलग से कोई तरीका नहीं अपनाया। उनके अनुसार, जीवन जीने और अपने लक्ष्य की ओर बढ़ने के लिए उन्हें बाहरी मोटिवेशन की जरूरत कभी महसूस नहीं हुई। उनका मानना है कि अगर इंसान अपने काम के प्रति ईमानदार रहे तो वही सबसे बड़ी प्रेरणा बन जाता है।

काम मिलने से पहले खुद को किया तैयार

पंकज त्रिपाठी ने बताया कि करियर के शुरुआती वर्षों में उन्हें अभिनय के ज्यादा मौके नहीं मिल रहे थे। ऐसे समय में उन्होंने निराश होने के बजाय अपनी कला को बेहतर बनाने पर पूरा ध्यान दिया। उन्होंने अभिनय का लगातार अभ्यास किया और खुद को निखारने में जुटे रहे। उन्होंने कहा कि सीखने की यह प्रक्रिया आज भी जारी है और एक कलाकार के रूप में वह हर दिन कुछ नया सीखने की कोशिश करते हैं।

किसान परिवार से मिले धैर्य ने बनाया मजबूत

बिहार के ग्रामीण परिवेश में पले-बढ़े पंकज त्रिपाठी ने कहा कि किसान परिवार से आने की वजह से उन्होंने धैर्य रखना सीखा। उन्होंने कहा कि खेत में बीज बोने के बाद तुरंत फसल नहीं मिलती, बल्कि समय, मेहनत और सही माहौल का इंतजार करना पड़ता है। उनके मुताबिक, उनके करियर का शुरुआती दौर भी कुछ ऐसा ही था। वह लगातार मेहनत करते रहे और सही समय आने का इंतजार करते रहे। उन्होंने कहा कि शायद उनकी "बीज बोने" की प्रक्रिया दूसरों की तुलना में थोड़ी लंबी रही, लेकिन उन्हें इस पर कभी अफसोस नहीं हुआ।

अनुशासन पर रखा पूरा भरोसा

पंकज त्रिपाठी ने बताया कि संघर्ष के दिनों में उन्होंने अपनी दिनचर्या को कभी नहीं छोड़ा। वह नियमित रूप से दौड़ लगाते थे, ध्यान करते थे, किताबें पढ़ते थे और अभिनय पर लगातार काम करते थे। उन्होंने कहा कि उन्हें हमेशा विश्वास था कि वह सही दिशा में आगे बढ़ रहे हैं और एक दिन मेहनत का परिणाम जरूर मिलेगा।

'गैंग्स ऑफ वासेपुर' से मिली नई पहचान

पंकज त्रिपाठी ने साल 2004 में फिल्म'रन' से बॉलीवुड में कदम रखा था, लेकिन उन्हें असली पहचान 2012 में रिलीज हुई'गैंग्स ऑफ वासेपुर' में निभाए गए सुल्तान कुरैशी के किरदार से मिली। इस भूमिका ने उन्हें हिंदी सिनेमा के बेहतरीन अभिनेताओं की कतार में खड़ा कर दिया।

फिर लौटेंगे कालीन भैया बनकर

वर्क फ्रंट की बात करें तो पंकज त्रिपाठी जल्द ही'मिर्जापुर: द मूवी' में एक बार फिर अपने चर्चित किरदार कालीन भैया के रूप में नजर आएंगे। यह फिल्म 4 सितंबर 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है।

Written By: Sushma Pandey