UP Sitapur Mid Day Meal Viral Video: सीतापुर के एक सरकारी स्कूल का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। जिसमें बच्चों को पानी वाली सब्जी और रोटियां परोसी गई। वीडियो सामने आते ही लोगों का गूस्सा फुटा और अब इस मामले ने सरकारी स्कूलों में बच्चों को मिल रही पौष्टिक और गुणवत्तापूर्ण मिड-डे मील को लेकर सोशल मीडिया पर बहस छेड़ दी है।
वायरल वीडियो में बच्चों को दिया गया खराब खाना
दरअसल, यूपी के सीतापुर जिले के एक प्राथमिक विद्यालय का वीडियो सोशल मीडिया पर देखते ही देखते वायरल हो गया। वीडियो में बच्चों को बेहद पतली,पानी जैसी सब्जी और लापरवाही से परोसी गई रोटियां खाते हुए देखा गया। जिसके बाद शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन ने मामले की जांच के बाद संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की गई।
छंगापुर प्राथमिक विद्यालय का मामला
यह मामला सीतापुर जिले के महमूदाबाद विकासखंड स्थित छंगापुर प्राथमिक विद्यालय का है। विद्यालय में कक्षा 1 से 5 तक करीब 63 बच्चे अध्ययनरत हैं। जानकारी के अनुसार, 3 अगस्त को मिड-डे मील के निर्धारित मेन्यू के तहत आलू-तरोई की सब्जी और रोटी बनाई गई थी। हालांकि बच्चों को जो भोजन परोसा गया,उसकी गुणवत्ता बेहद खराब बताई गई।
वायरल वीडियो में साफ दिखाई देता है कि सब्जी इतनी पतली थी कि वह थाली में डालते ही पानी की तरह फैल गई। वहीं रोटियां भी बच्चों को व्यवस्थित तरीके से नहीं दी गईं। कुछ बच्चे खुले और गीले स्थान पर बैठकर भोजन करते नजर आए, जिससे विद्यालय की व्यवस्थाओं पर भी सवाल उठे।
वीडियो वायरल होने के बाद प्रशासन की कार्रवाई
बताया जा रहा है कि गांव के प्रधान के बेटे ने विद्यालय पहुंचकर मिड-डे मील वितरण का वीडियो बनाया और उसे सोशल मीडिया पर साझा कर दिया। वीडियो वायरल होने के बाद बेसिक शिक्षा अधिकारी गोरखनाथ पटेल स्वयं विद्यालय पहुंचे। उन्होंने बच्चों से बातचीत की,भोजन की गुणवत्ता की जांच की और विद्यालय की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। जांच के दौरान मिड-डे मील की गुणवत्ता संतोषजनक नहीं पाई गई। साथ ही बच्चों को दूध वितरण और भोजन व्यवस्था में भी गंभीर लापरवाही सामने आई। इसके बाद तत्काल प्रभाव से विद्यालय की प्रिंसिपल कल्पना वर्मा को निलंबित कर दिया गया।
प्रिंसिपल और रसोइया के खिलाफ FIR दर्ज
प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए बच्चों को खराब गुणवत्ता का भोजन परोसने के आरोप में प्रिंसिपल कल्पना वर्मा और रसोइया अनीता के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 316(5) के तहत FIR दर्ज कराई है। यह मुकदमा खंड शिक्षा अधिकारी की ओर से दर्ज कराया गया। अधिकारियों का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच जारी है और दोषियों के खिलाफ नियमानुसार आगे भी कार्रवाई की जाएगी।
पूरे जिले में जांच के निर्देश
घटना के बाद सीतापुर के जिलाधिकारी ने जिले के सभी सरकारी स्कूलों में मिड-डे मील की गुणवत्ता की विशेष जांच कराने के निर्देश जारी किए हैं। प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बच्चों को निर्धारित मानकों के अनुरूप स्वच्छ, पौष्टिक और गुणवत्तापूर्ण भोजन मिले। शिक्षा विभाग ने भी स्पष्ट किया है कि भविष्य में किसी भी विद्यालय में इस प्रकार की लापरवाही सामने आने पर संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
Written By: Geeta Sharma
ये भी पढ़ें: 15 साल पुराने दुष्कर्म केस में तरुण तेजपाल दोषी करार, बॉम्बे हाईकोर्ट का बड़ा फैसला