News Delhi : देश में भाजपा सरकार विकास के दम पर नए आयाम रच रही है। केंद्र सरकार शिक्षा क्षेत्र से लेकर सरकारी विभागों की कार्यशैली में बदलाव करते हुए लगातार आगे बढ़ रही है। अब सरकार का अगला पढ़ाव बैंकिंग सेक्टर होगा। वित्त मंत्री निर्मला सीतारण ने बड़ा ऐलान कर कहा कि विकसित भारत बनाने के लिए एक हाई-लेवल पैनल का गठन किया है। इस ऐलान के बाद बैंकिंग सेक्टर में कई महत्वपूर्ण बदलाव होने संभव हैं। इस हाई लेवल पैनल के गठन के बाद भारत आगे बढ़ेगा और ''नए बदलाव के साथ नया भारत'' बनेगा।

बैंकिंग फॉर विकसित भारत के गठन पर विचार किया

केंद्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण ने बैंकिंग फॉर विकसित भारत को ध्यान में रखते हुए हाई लेवल पैनल के गठन का ऐलान किया है। वित्त मंत्री ने साल 2026-27 के बजट को ध्यान में रखते हुए बैंकिंग फॉर विकसित भारत के गठन पर विचार किया था। इसका मुख्य उपद्देश्य भारतीय बैंकिंग सेक्टर को बड़े पैमाने पर अन्य देशों के सामने रखा जाए।

हाई लेवल पैनल के गठन से साल 2027 का लक्ष्य होगा पूरा

दरअसल केंद्रीय मंत्री निर्मला सीतारण ने पीएसबी कॉन्क्लेव को संबोधित किया। इस कार्यक्रम में निर्मला सीतारण ने कहा कि हमें उम्मीद है बैंकिंग क्षेत्र में हाई लेवल पैनल के गठित होगा। समिति जल्द ही सरकार के सामने अपने विचार प्रस्तुत करेगी। इस पैनल के जरिए भविष्य में बैंकिंग सेक्टर में होने वाले बदलाव के बारे में भी सरकार को अवगत कराया जाएगा। हाई लेवल पैनल का गठन अगर हो जाता है। तो यह कमेटी विकसित भारत के लक्ष्य तक पहुंचने में कारगर साबित होगी। साल 2027 तक लक्ष्य को पूरा करना है, जो अभी भी दूर नहीं है। अगर साल 2026 में ही इस हाई लेवल पैनल का गठन होता है, तो वो दिन नहीं होगा जब भारत आने वाले 20 साल से भी कम समय अपने लक्ष्य को हांसिल कर लेगा।

सरकारी बैंकों को दिया मजबूत बैलेंस शीट के इस्तेमाल का निर्देश

बैंकिग सेक्टर में कार्यप्रणाली में बेहतर सुधार के साथ आने वाले दिनों में अन्य देशों के साथ मजबूती भी मिलेगी। यह सुधार बैंकिग सेक्टर को आगे की और बढ़ाने का काम करेगा। इससे पहले निर्मला सीतारमण ने सरकारी बैंको को निर्देश दिया है कि वह अपनी मजबूत बैलेंस शीट बनाए और इसका इस्तेमाल आर्थिक विकास को अगले चरण में आगे बढ़ाने का काम करें। इन सुधारों के जरिए ही एक एसी वित्तीय प्रणाली बनानी है, जडो सरकार के विकसित भारत 2027 के विजन के हिसाब से सटीक बैठेगी।

बैंकों की वर्तमान स्थिति को सुधारना होगा

इसके साथ ही केंद्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस नई बैंकिंग प्राणाली को लेकर यह भी कहा कि बैंकिंग सेक्टर मजबूती के साथ अगले चरण में प्रवेश कर रहा है। फिलहाल नॉन-परफॉर्मिग एसेट्स अपने निचले स्तर पर चला गया है। हमे इसे फिर से ठीक करने के लिए बैंकों की स्थिति में सुधार लाने के साथ-साथ आगे बढ़ने पर मजबूती से काम करना होगा।

बैंको को देनी होगी नई जनरेशन को नई योजना

बैंकिंग लीडरशिप से मिलने वाले सुझाव कमेटी के गठन को लेकर बड़ी मदद करेगा। 29% भारतीयों में 15 से 19 साल के युवा अब बैंकों के प्रति विशेष ध्यान देते दिखाई दे रहे हैं। ऐसे में बैंक अपनी नई जनरेशन की एज के हिसाब से नई योजनाओं व वित्तीय सेवाओं की पहुंच को बड़ा रही है। इसमें एजुकेशन लोन के साथ-साथ एंटरप्रेन्योरशिप फाइनेंस और इंन्वेस्टमेंट प्रोडक्ट्स को भी शामिल किया जाना चाहिए। अगर बैंक नई योजनाएं लेकर आएगा तो आने वाली जनरेशन भी बैंकों के प्रति अपना रुझान दिखाएगी। जिससे बैंकिंग सेक्टर आगे बढ़ेगा और देश की आर्थिक स्थिति में भी बदलाव दिखेगा।

यह भी पढ़ें: Gold Rate Today:सोना फिर हुआ महंगा या मिली राहत? खरीदने से पहले जान लें आज का रेट


Written By: MADHVI TANWAR