उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य (Keshav Prasad Maurya Madarsa Statement) का एक बयान इन दिनों राजनीतिक गलियारों में चर्चा का केंद्र बना हुआ है। मौर्य ने मदरसों को लेकर टिप्पणी करते हुए कहा कि चाहे मदरसा बांग्लादेश में हो, पाकिस्तान में हो या भारत में, वे आतंकवाद को पैदा करता है, उनके इस बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है।
मदरसा बयान पर मौर्य को विपक्ष ने घेरा
पत्रकारों से बातचीत के दौरान केशव प्रसाद मौर्य ने कहा, "मदरसा चाहे किसी भी देश में हो, वह आतंकवाद को जन्म देने का काम करता है।" उनके इस बयान पर विपक्षी दलों ने कड़ा विरोध जताया है और इसे एक समुदाय विशेष को निशाना बनाने वाला बयान बताया है। यह बयान ऐसे समय में सामने आया है जब उत्तर प्रदेश सरकार मदरसा शिक्षा व्यवस्था में बदलाव से जुड़े प्रस्तावों पर विचार कर रही है। माना जा रहा है कि सरकार मदरसों में संचालित उच्च शिक्षा से जुड़े कोर्स को लेकर बड़ा फैसला ले सकती है।
मदरसा शिक्षा में बदलाव की तैयारी
सूत्रों के अनुसार, उत्तर प्रदेश कैबिनेट की बैठक में मदरसा शिक्षा से संबंधित प्रस्ताव पर चर्चा हो सकती है। चर्चाएं हैं कि सरकार मदरसों में चल रहे डिग्री स्तर के कोर्स को समाप्त करने और शिक्षा को केवल 12वीं कक्षा तक सीमित करने के प्रस्ताव पर निर्णय ले सकती है। हालांकि, अंतिम फैसला कैबिनेट की मंजूरी के बाद ही स्पष्ट होगा।
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मदरसा शिक्षा पर मौर्य के बयान से सियासी घमासान
मौर्य के इस बयान और सरकार की संभावित नीतियों को लेकर प्रदेश में सियासी माहौल गरमा गया है। विपक्ष ने सरकार पर शिक्षा व्यवस्था को लेकर राजनीति करने का आरोप लगाया है, जबकि सत्ता पक्ष इसे सुधार की दिशा में उठाया गया कदम बता रहा है। गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र भी 6 अगस्त तक चलेगा। ऐसे में मदरसा शिक्षा और उपमुख्यमंत्री के बयान को लेकर सदन में भी हंगामा होने की संभावना जताई जा रही है।
Written By Toshi Shah