देशभर में E20 फ्यूल और पेट्रोल-डीजल की गुणवत्ता को लेकर हाल के दिनों में कई तरह की चर्चाएं और सवाल उठे हैं। सोशल मीडिया और विभिन्न रिपोर्टों में ईंधन में मिलावट की आशंकाओं के बीच केंद्र सरकार ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि आम उपभोक्ताओं को घबराने की जरूरत नहीं है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अनुसार, देशभर में ईंधन की गुणवत्ता पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और मौजूदा व्यवस्था के अलावा अतिरिक्त जांच भी शुरू की गई है।
87,000 से अधिक पेट्रोल पंपों पर कड़ी निगरानी
मंत्रालय ने बताया कि देशभर के 87,000 से अधिक फ्यूल आउटलेट्स पर अब पानी के रिसाव की जांच पहले से अधिक सख्ती के साथ की जा रही है। प्रत्येक पेट्रोल पंप पर दिन में 8 से 12 बार निरीक्षण किया जा रहा है ताकि किसी भी तरह की तकनीकी गड़बड़ी या मिलावट की संभावना को समय रहते रोका जा सके। सरकार का कहना है कि यह कदम उपभोक्ताओं तक गुणवत्तापूर्ण ईंधन पहुंचाने के उद्देश्य से उठाया गया है।
2,000 से ज्यादा सैंपलों की जांच, सिर्फ दो मामले मिले
ईंधन में क्लोराइड और सल्फाइड जैसी अशुद्धियों की जांच के लिए देशभर से 2,000 से अधिक सैंपल लिए गए। मंत्रालय के अनुसार, इन व्यापक जांचों में अब तक केवल दो मामलों में क्लोराइड की मिलावट पाई गई है। संबंधित पेट्रोल पंपों पर तत्काल प्रभाव से ईंधन की बिक्री रोक दी गई और आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई। सरकार का कहना है कि यह संख्या कुल जांच के मुकाबले बेहद कम है और इससे यह स्पष्ट होता है कि अधिकांश पेट्रोल पंपों पर निर्धारित गुणवत्ता मानकों का पालन किया जा रहा है।
तेल कंपनियों को दिए गए सख्त निर्देश
पेट्रोलियम मंत्रालय ने सभी ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) को निर्देश दिए हैं कि वे पूरी फ्यूल सप्लाई चेन पर कड़ी नजर रखें। रिफाइनरी से लेकर डिपो, टैंकर और रिटेल आउटलेट तक हर स्तर पर गुणवत्ता की निगरानी बढ़ाने के लिए कहा गया है। साथ ही संभावित मिलावट की पहचान करने और उसे रोकने के लिए अतिरिक्त तकनीकी उपाय अपनाने के निर्देश भी जारी किए गए हैं।
मिलावट मिलने पर होगी कड़ी कार्रवाई
सरकार ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी भी रिटेल आउटलेट पर ईंधन में मिलावट पाई जाती है, तो संबंधित पेट्रोल पंप के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसमें ईंधन की बिक्री तत्काल रोकने के साथ-साथ नियमानुसार दंडात्मक कदम भी शामिल होंगे। मंत्रालय का कहना है कि उपभोक्ताओं के हितों से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।
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उपभोक्ताओं के लिए क्या है संदेश?
सरकार के अनुसार, वर्तमान जांच के आधार पर यह कहना सही नहीं होगा कि देशभर के पेट्रोल पंपों पर बड़े पैमाने पर मिलावटी ईंधन बेचा जा रहा है। जांच में सामने आए केवल दो मामलों पर तत्काल कार्रवाई की गई है, जबकि अधिकांश सैंपल गुणवत्ता मानकों के अनुरूप पाए गए। मंत्रालय ने भरोसा दिलाया है कि ईंधन की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए निगरानी व्यवस्था को और मजबूत किया जा रहा है, ताकि उपभोक्ताओं को सुरक्षित और मानक के अनुरूप पेट्रोल-डीजल उपलब्ध कराया जा सके।
Written By: Geeta Sharma