BJP 2027 Election Gen Z Plan: भारतीय जनता पार्टी ने अपनी नई राष्ट्रीय टीम की पहली बैठक में संगठन को मजबूत करने के साथ-साथ युवाओं, खासकर Gen Z, तक पहुंच बढ़ाने की रणनीति पर फोकस किया है। पार्टी अब 14 से 25 साल की उम्र के युवाओं के बीच अपनी पहुंच बढ़ाने के लिए खास अभियान शुरू करने की तैयारी में है।
शनिवार को हुई बैठक में ‘युवा संवाद’ अभियान को लेकर चर्चा हुई। इसके जरिए पार्टी युवाओं से सीधे बातचीत करने, उनकी समस्याओं और उम्मीदों को समझने के साथ उन्हें अपने विचार रखने का मौका देने की योजना बना रही है। इस अभियान के लिए बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन समेत पांच नेताओं की टीम भी बनाई गई है।
युवाओं के बीच कैसे पहुंचेगी बीजेपी?
बीजेपी की कोशिश इस बार सिर्फ राजनीतिक मुद्दों तक युवाओं से संवाद सीमित रखने की नहीं है। पार्टी नेतृत्व का कहना है कि नई पीढ़ी के साथ बातचीत में उनके करियर, रोजगार, शिक्षा, तकनीक, भविष्य और दूसरी सामाजिक चुनौतियों जैसे मुद्दों को भी जगह मिलनी चाहिए।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी बैठक में लोगों से लगातार जुड़ाव और नए विचारों को महत्व देने की बात कही। वहीं, बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन ने पदाधिकारियों को युवाओं के बीच संपर्क बढ़ाने और संवाद के नए तरीके अपनाने पर जोर दिया।‘युवा संवाद’ के दौरान युवाओं को बीजेपी नेताओं से सीधे सवाल करने का मौका भी दिया जाएगा। हालांकि इन कार्यक्रमों की तारीख और स्थान की घोषणा अभी बाकी है।इस अभियान की जिम्मेदारी नितिन नवीन के अलावा राष्ट्रीय महासचिव स्मृति ईरानी और विनोद तावड़े, गुजरात के मंत्री हर्ष सांघवी और छत्तीसगढ़ के मंत्री ओपी चौधरी को दी गई है।
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2027 के विधानसभा चुनावों से जोड़कर देखा जा रहा प्लान
बीजेपी का युवाओं पर यह फोकस ऐसे समय में सामने आया है जब 2027 में उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं। उत्तर प्रदेश के अलावा गुजरात, पंजाब, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, मणिपुर और गोवा में भी अगले साल चुनाव प्रस्तावित हैं।ऐसे में 14 से 25 साल के युवाओं पर ध्यान देना राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पहली बार वोट देने वाले युवा और कॉलेज जाने वाली नई पीढ़ी आने वाले चुनावों में एक अहम वोटर समूह हो सकती है।केंद्र सरकार की ओर से भी कॉलेज और विश्वविद्यालयों के छात्रों तक पहुंच बढ़ाने के लिए ‘यूनिवर्सिटी आउटरीच’ की तैयारी की जा रही है। यानी पार्टी और सरकार, दोनों स्तरों पर युवाओं से सीधे संवाद बढ़ाने की कोशिश दिखाई दे रही है।
सवाल पूछने की आजादी पर जोर
‘युवा संवाद’ की खास बात यह होगी कि इसमें युवाओं को सिर्फ भाषण सुनने के बजाय सवाल पूछने का मौका देने की योजना है। पार्टी युवाओं की सोच, उनकी प्राथमिकताओं और स्थानीय समस्याओं को समझने के लिए संवाद आधारित कार्यक्रम आयोजित करेगी।इससे बीजेपी को नई पीढ़ी के बीच अपनी नीतियों और विचारधारा को सीधे रखने का मौका मिलेगा, वहीं पार्टी युवाओं की बदलती अपेक्षाओं को समझने की कोशिश भी करेगी।
नई टीम की पहली बैठक में संगठन विस्तार पर भी चर्चा
भाजपा मुख्यालय में हुई यह बैठक नई राष्ट्रीय टीम की पहली बड़ी बैठक थी। पार्टी की नई राष्ट्रीय टीम में 65 पदाधिकारी हैं, जिनमें 51 नए चेहरे बताए गए हैंबैठक में नए पदाधिकारियों के साथ पुराने नेताओं को भी बुलाया गया। इसका मकसद संगठन में निरंतरता बनाए रखने के साथ नए नेतृत्व और पुराने अनुभव के बीच तालमेल कायम करना था।नितिन नवीन ने बैठक में संगठन को बूथ स्तर से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक मजबूत करने पर जोर दिया। उनके संदेश में चुनावी गतिविधियों के अलावा समाज के अलग-अलग वर्गों के साथ लगातार संपर्क और सेवा गतिविधियों को भी अहमियत दी गई।
पदाधिकारियों के लिए अनुशासन का भी संदेश
बैठक में पार्टी पदाधिकारियों के सार्वजनिक व्यवहार को लेकर भी स्पष्ट संदेश दिया गया। नेताओं से सार्वजनिक जीवन में संयम, अनुशासन और जिम्मेदारी बनाए रखने को कहा गया।पार्टी नेतृत्व का मानना है कि किसी पदाधिकारी का निजी और सार्वजनिक व्यवहार संगठन की छवि पर असर डालता है। इसलिए सभी नेताओं को मर्यादा और जिम्मेदारी का ध्यान रखने की सलाह दी गई।
‘राष्ट्र प्रथम’ के संदेश के साथ आगे बढ़ने की तैयारी
बैठक में पदाधिकारियों को ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना के साथ काम करने का संदेश दिया गया। संगठन को सिर्फ चुनाव के दौरान सक्रिय रखने के बजाय पूरे समय जनता के बीच संपर्क बनाए रखने पर जोर दिया गया।नितिन नवीन का संदेश यह था कि पार्टी की विचारधारा और एजेंडे को मजबूती से आगे बढ़ाते हुए संगठन की पहुंच समाज के ज्यादा से ज्यादा वर्गों तक बनाई जाए।
पीएम मोदी के जन्मदिन से शुरू होगा महीने भर का अभियान
बीजेपी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में सरकार के प्रमुख के तौर पर 25 साल पूरे होने के मौके पर भी देशव्यापी अभियान शुरू करने जा रही हैराष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े के मुताबिक, ‘सेवा संकल्प अभियान’ 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक चलेगा। प्रधानमंत्री मोदी ने 7 अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी।बीजेपी की नई रणनीति में एक तरफ संगठन को मजबूत करने का लक्ष्य है, तो दूसरी तरफ युवाओं और नए वोटरों के साथ सीधा संवाद बढ़ाने की कोशिश। 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले यह रणनीति पार्टी के लिए कितनी कारगर साबित होती है, इसका असर आने वाले महीनों में दिखाई दे सकता है।
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