Smit Machchhar: पिछले महीने 'फ्लाईदुबई' की एक उड़ान के दौरान अपने ही सह-पायलट (को-पायलट) द्वारा किए गए कथित हमले में गंभीर रूप से घायल हुए भारतीय पायलट स्मित मच्छार ने बताया कि उस घटना के समय उन्हें अपनी जान का खतरा महसूस हुआ था। इसके अलावा उन्होंने यह भी बताया की उन आखिरी क्षणों में वह क्या सोच रहे थे। एक इंटरव्यू में उन्होंने कई अहम खुलासे किए।
सिर पर जोरदार चोट लगी, बार-बार खो रहे थे होश
Sky News Arabia को दिए एक इंटरव्यू में स्मित मच्छार ने बताया, "एक पल ऐसा आया जब मुझे एहसास हुआ और मैंने खुद से कहा, 'स्मित, कुछ करो। तुम इस तरह नहीं मर सकते।' बाद में, उस घटना के दौरान, मुझे बार-बार होश आ रहा था और जा रहा था।" उन्होंने उस सहकर्मी की भी तारीफ की जिसने आपात स्थिति में विमान को संभाला। उन्होंने उनके इस काम को सराहनीय बताया और कहा कि वे इसे जीवन भर याद रखेंगे।
मच्छार 140 से अधिक लोगों की बचाई जान
UAE के अटॉर्नी जनरल के अनुसार, जांचकर्ताओं को पता चला है कि को-पायलट ने विमान का कंट्रोल अपने हाथ में लेने और एक आत्मघाती हमले के तहत उसे इज़राइल के तेल अवीव स्थित बेन गुरियन एयरपोर्ट के पैसेंजर टर्मिनल से टकराने की योजना बनाई थी। मामले की जांच अभी जारी है।
मच्छर ने कॉकपिट का दरवाज़ा खोल दिया, जिससे दूसरे पायलट, केबिन क्रू के सदस्यों और यात्रियों को बीच-बचाव करने और कथित हमलावर को काबू करने का मौका मिल गया। विमान में मौजूद अन्य पायलटों ने विमान का कंट्रोल अपने हाथ में लिया और उसे उत्तर-पश्चिमी सऊदी अरब के तबुक की ओर मोड़ दिया, जहाँ विमान सुरक्षित रूप से उतर गया। पीएम मोदी समेत दुनिया के कई देशों के राष्ट्रध्यक्षों ने स्मिथ मच्छार की जमकर तारीफ की थी।
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