रामपुर: समाजवादी पार्टी (SP) के प्रमुख अखिलेश यादव ने गुरुवार को चुनाव आयोग पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के साथ मिलीभगत का आरोप लगाया है। अखिलेश यादव ने ‘वोट चोरी’ का मुद्दा उठाते हुए चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल खड़े किए। हालांकि, उनके आरोपों के राजनीतिक महत्व को उत्तर प्रदेश की आगामी चुनावी राजनीति के संदर्भ में देखा जा रहा है।
सपा ने BJP पर "वोट चुराने" के लगाए आरोप
भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर "वोट चुराने" के लिए भारत चुनाव आयोग (ECI) के साथ "सीधे मिली भगत" करने का आरोप लगाया। अखिलेश यादव ने यह बात रामपुर में पार्टी के नेता आज़म खान से ज़िला जेल में मिलने के बाद कही। इसके बाद SP सुप्रीमो खान के घर भी गए और उनकी पत्नी तज़ीन फ़ातमा समेत उनके परिवार से मिले। यादव ने कहा, उनकी सेहत में सुधार हुआ है, हालांकि जेल की ज़िंदगी की मुश्किलें तो बनी रहेंगी।
भाजपा का ज्ञान और शिक्षा के साथ दुश्मनी: अखिलेश
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने BJP पर निशाना साधते हुए कहा कि, ग्रामीण पार्टीयों को शिक्षा की समझ नहीं है और वह चुनाव जीतने के लिए गलत तरीकों पर निर्भर है। यादव ने कहा, भाजपा का ज्ञान और शिक्षा के साथ असल में दुश्मनी भरा रिश्ता है, जो पूरी तरह से बेमेल है। बीजेपी में लोग इस मामले में असल में ज़ीरो पर हैं। यही वजह है कि वे भ्रष्ट अधिकारियों के साथ मिल जाते हैं। ये इस बात से पता चलता है कि वे हाल ही में वोट चुराते हुए भी पकड़े गए थे। आज, यह बात साफ़ होती जा रही है कि चुनाव आयोग असल में सीधे BJP के साथ मिलीभगत कर रहा है।
UP मे 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर चुनावी रणनीति तेज
अखिलेश यादव का यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब उत्तर प्रदेश में 2027 में अगले विधानसभा चुनाव होने हैं, जिसमें दो सबसे बड़ी पार्टियों, भारतीय जनता पार्टी और समाजवादी पार्टी के बीच बड़ा मुकाबला होने की उम्मीद है। मौजूदा सेशन में, उत्तर प्रदेश विधानसभा में 403 चुने हुए सदस्य हैं, जिनमें से 258 भारतीय जनता पार्टी के, 107 समाजवादी पार्टी के और 13 अपना दल के हैं। कांग्रेस, समाजवादी पार्टी के साथ मिलकर, उत्तर प्रदेश में वापसी करना चाहती है और 2027 के चुनावों में जीत की उम्मीद कर रही है।
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