महाराष्ट्र: महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर 2019 के सत्ता परिवर्तन को लेकर विवाद तेज हो गया है। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और शिवसेना प्रमुख एकनाथ शिंदे ने मंगलवार को मुंबई में आयोजित दशहरा रैली के दौरान शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे पर तीखा हमला बोला। शिंदे ने आरोप लगाया कि 2019 के विधानसभा चुनाव में शिवसेना और भारतीय जनता पार्टी के गठबंधन को मिले जनादेश के बाद उद्धव ठाकरे ने कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के साथ मिलकर महाविकास आघाड़ी (MVA) सरकार बनाई, जो मतदाताओं के साथ विश्वासघात था।
‘वोट चोरी’ कर जनादेश के साथ किया विश्वासघात
एकनाथ शिंदे ने इस राजनीतिक घटनाक्रम को महाराष्ट्र के इतिहास में ‘सबसे बड़ी वोट चोरी’ करार दिया और आरोप लगाया कि उद्धव ठाकरे इस धोखे के असली गुनहगार हैं। शिंदे ने विपक्ष के चुनावी अनियमितताओं से जुड़े आरोपों पर भी सवाल उठाए और राहुल गांधी सहित विपक्षी नेताओं की आलोचना की। वहीं, रैली में उन्होंने पानी की कमी से फसलों को नुकसान झेल रहे किसानों को सहायता देने की प्रतिबद्धता भी जताई।
CM बनने के लिए महाराष्ट्र की पीठ में छुरा घोंपा: शिंदे
उनके इस बयान से महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर सियासी बहस तेज हो गई है। उन्होंने कहा कि, "जब 2019 के विधानसभा चुनाव में शिवसेना-BJP अलायंस के पास पूर्ण बहुमत में थी, तो आपने महा विकास अघाड़ी के साथ सरकार बनाई; वह सबसे बड़ी वोट चोरी थी। उन्होंने कहा कि जिन्होंने मुख्यमंत्री बनने के लिए महाराष्ट्र की पीठ में छुरा घोंपा, वही असली वोट लुटेरे हैं।
विपक्ष देश को बांटने की कर रहा कोशिश: शिंदे
शिंदे ने कहा कि विपक्ष संवैधानिक संस्थाओं पर हमला करके देश को बांटने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तीखी आलोचना करने के लिए INDIA गठबंधन की भी आलोचना की। एकनाथ शिंदे ने उद्धव ठाकरे पर निशाना साधते हुए कहा कि, "आप प्रधानमंत्री की आलोचना करने के लिए सबसे निचले स्तर पर गिर गए हैं, जो एक भी दिन की छुट्टी लिए बिना देश की सेवा करते हैं; देश के 140 करोड़ लोग आपको इसके लिए माफ नहीं करेंगे।
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