नई दिल्ली: दिल्ली स्थित ऐतिहासिक रेस कोर्स मस्जिद को खाली कराने के नोटिस के बाद विवाद बढ़ गया है। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) प्रमुख और सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू से मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने और मस्जिद को ध्वस्त किए जाने की आशंका के बीच उचित कदम उठाने की मांग की है।

रेस कोर्स मस्जिद को गिराया जाने की सूचना

खबरें हैं कि नई दिल्ली में रेस कोर्स मस्जिद को गिराया जा रहा है। भूमि एवं विकास कार्यालय (L&DO) ने रेस कोर्स मस्जिद परिसर को सरकारी जमीन पर अनधिकृत बताते हुए उसे छह दिनों के भीतर खाली करने का नोटिस जारी किया है। मस्जिद के इमाम मोहम्मद हारून ने आरोप लगाया है कि परिसर की बिजली और पानी की आपूर्ति बंद कर दी गई है और नमाजियों की आवाजाही भी प्रभावित हुई है।

किरेन रिजिजू के तुरंत दखल की ज़रूरत:ओवैसी

इस संदर्भ में सोशल मीडिया X पर एक पोस्ट कर ओवैसी ने कहा कि "किरेन रिजिजू के तुरंत दखल की ज़रूरत है" और तीन चिंताएं बताईं, जिसमें कहा गया कि मस्जिद एक गजेटेड वक्फ प्रॉपर्टी है लेकिन वक्फ बोर्ड ने दखल नहीं दिया है। उन्होंने यह भी बताया कि अभी दिल्ली वक्फ बोर्ड नहीं है।

मस्जिद वर्ष 1977 से सरकारी गजट में वक्फ संपत्ति

असदुद्दीन ओवैसी ने कि मस्जिद वर्ष 1977 से सरकारी गजट में वक्फ संपत्ति के रूप में दर्ज है। उन्होंने सवाल उठाया कि दिल्ली वक्फ बोर्ड ने कथित ध्वस्तीकरण आदेश को चुनौती देने या विवाद सुलझाने के लिए प्रभावी कदम क्यों नहीं उठाए। ओवैसी ने यह भी कहा कि दिल्ली वक्फ बोर्ड का गठन वर्ष 2023 से नहीं हुआ है और इस मामले में केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू को हस्तक्षेप करना चाहिए। ये ओवैसी के आरोप और दावे हैं; मस्जिद की कानूनी स्थिति पर अंतिम निष्कर्ष संबंधित दस्तावेजों और कानूनी प्रक्रिया पर निर्भर करेगा।

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