लेह: भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) जस्टिस सूर्यकांत ने रविवार, 18 अक्टूबर को लेह में जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख हाईकोर्ट की एक नवगठित लद्दाख बेंच का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि यह केवल एक अदालत की स्थापना नहीं, बल्कि लद्दाख के दूरदराज के इलाकों में रहने वाले लोगों तक न्याय पहुंचाने की दिशा में एक नई शुरुआत है।
पीठ लेह, कारगिल और शेष लद्दाख में कार्य करेगी
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने कहा कि, यह पीठ लेह, कारगिल और शेष लद्दाख में कार्य करेगी और इस क्षेत्र के लोगों के लिए न्याय की पहुंच को करीब लाएगी। उन्होंने कहा कि, इस क्षेत्र में कई गांव लेह से बहुत दूर हैं और खराब कनेक्टिविटी वाले हैं, बर्फबारी एवं ठंड के कारण यात्रा अभी भी कठिन है, इसलिए लोगों को अदालत तक पहुंचने के लिए संघर्ष करना पड़ सकता है।
भौगोलिक परिस्थितियां न्याय की पहुंच को मुश्किल बनाते हैं
उन्होंने कहा कि, लद्दाख की भौगोलिक परिस्थितियां, कठिन मौसम और दूर-दराज के गांवों से लंबी यात्रा लोगों के लिए न्याय तक पहुंचना मुश्किल बनाते रहे हैं। पहले हाईकोर्ट से जुड़े मामलों के लिए लोगों को श्रीनगर या जम्मू जाना पड़ता था। लेह में नई बेंच शुरू होने से इस परेशानी को कम करने में मदद मिलेगी।
न्याय में तकनीक और कानूनी सहायता की अहम भूमिका
जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि लद्दाख के दूरस्थ इलाकों में न्याय पहुंचाने के लिए तकनीक और कानूनी सहायता की अहम भूमिका होगी। उन्होंने कहा कि प्रौद्योगिकी और कानून के माध्यम से गांवों में ई-सेवा केंद्र स्थापित करने, कानूनी जागरूकता शिविर आयोजित करने और जरूरतमंद लोगों को कानूनी सहायता उपलब्ध कराने सहायता मिलेगी।
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