शिमला: भारतीय जनता पार्टी के हिमाचल प्रदेश के प्रदेश महासचिव संजीव कटवाल ने कांग्रेस और विपक्ष के नेता राहुल गांधी से 'सत्ता परिवर्तन' की कथित योजनाओं, प्रदर्शनकारियों को पैसे दिए जाने के दावों और एक महिला पुलिस अधिकारी पर कथित हमले को लेकर सवाल पूछे हैं।

लोकतंत्र और संविधान के नाम पर हिंसा उचित नहीं

विपक्ष से इन सवालों के जवाब मांगते हुए संजीव कटवाल ने कहा है कि लोकतंत्र और संविधान के नाम पर हिंसा और अव्यवस्था को उचित नहीं ठहराया जा सकता। उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए कहा कि शांतिपूर्ण विरोध करना एक संवैधानिक अधिकार है, लेकिन हिंसा, धमकियों या असंवैधानिक गतिविधियों के जरिए लोकतांत्रिक संस्थाओं को अस्थिर करने के प्रयासों को स्वीकार नहीं किया जा सकता।

हिंसा या असंवैधानिक गतिविधियों से नहीं बदलती सरकार

वहीं 'सत्ता परिवर्तन' से जुड़ी चर्चाओं और आरोपों का जिक्र करते हुए कटवाल ने कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है और यहां सरकार बदलने का एकमात्र संवैधानिक तरीका जनता का जनादेश है। उन्होंने कहा कि, हिंसा, डराने-धमकाने या असंवैधानिक गतिविधियों के जरिए सत्ता बदलने की कोई भी सोच लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।

प्रदर्शन में 6,000 से 10,000 रुपये दिए जाने पर उठे सवाल

भाजपा के संजीव कटवाल ने सोशल मीडिया पर चल रहे उन दावों का भी जिक्र किया, जिनमें कहा जा रहा है कि दिल्ली में राजनीतिक प्रदर्शनों में हिस्सा लेने वाले लोगों को 6,000 से 10,000 रुपये दिए जा रहे थे और उन्हें काले कोट पहनने के लिए कहा गया था। उन्होंने कहा कि इन दावों की स्वतंत्र जांच होनी चाहिए, और अगर ये सच साबित होते हैं, तो इससे राजनीतिक नैतिकता और जनता के भरोसे पर गंभीर सवाल खड़े होंगे। उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व से इस पर जवाब मांगते हुए कहा कि, "जनता का समर्थन लोगों के भरोसे से मिलता है, न कि पैसे की ताकत से।"

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