Thane Metro: महाराष्ट्र के थाणे में मेट्रो का इंतजार कर रहे लाखों यात्रियों के लिए नवंबर 2026 एक अहम तारीख बनकर सामने आया है। घोड़बंदर रोड के ऊपर महीनों से धूल से ढकी खड़ी मेट्रो ट्रेन की तस्वीरें सोशल मीडिया पर चर्चा में रहीं। सितंबर 2025 में ट्रायल रन के दौरान बड़े-बड़े दावों के बाद भी सेवा शुरू नहीं हो सकी। अब मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (MMRDA) ने पहले चरण में आंशिक परिचालन के लिए नवंबर 2026 का लक्ष्य रखा है।
हालांकि, यात्रियों के लिए असली सवाल सिर्फ नई तारीख का नहीं, बल्कि यह है कि क्या इस बार ट्रेनें वास्तव में चलना शुरू करेंगी।
209 दिन बाद मिला RDSO प्रमाणन, अब CMRS की मंजूरी बाकी
2 जून 2026 को रिसर्च डिजाइन एंड स्टैंडर्ड्स ऑर्गनाइजेशन (RDSO) ने मेट्रो लाइन 4 और 4A के पहले चरण के लिए जरूरी प्रमाणन दिया। परियोजना के लिए इसे महत्वपूर्ण प्रगति माना जा रहा है।
लेकिन प्रमाणन मिलने का मतलब यह नहीं है कि व्यावसायिक सेवा तुरंत शुरू हो सकती है। अब MMRDA को मेट्रो रेल सुरक्षा आयुक्त (CMRS) से निरीक्षण और अंतिम सुरक्षा मंजूरी लेनी होगी। इसके लिए एक से दो महीने लगने का अनुमान जताया गया है।
CMRS की मंजूरी मिलने के बाद ही यात्रियों के लिए नियमित व्यावसायिक परिचालन शुरू किया जा सकेगा।
पहले दिसंबर 2025, फिर अप्रैल 2026… अब नवंबर की बारी
मेट्रो शुरू होने की तारीख पहले भी कई बार सामने आ चुकी है। सितंबर 2025 में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने दिसंबर 2025 तक चार स्टेशन खोलने और अप्रैल 2026 तक पहले चरण का पूरा हिस्सा शुरू करने की बात कही थी। बाद में भी 2026 की पहली तिमाही में सेवा शुरू होने का लक्ष्य दोहराया गया, लेकिन ये समयसीमाएं पूरी नहीं हो सकीं।
अब नवंबर 2026 में आंशिक परिचालन शुरू करने का लक्ष्य है। हालांकि, परियोजना की प्रगति पर नजर रखने वाले कुछ स्थानीय यात्रियों को आशंका है कि सेवा शुरू होने में इससे अधिक समय लग सकता है। ये यात्रियों की आशंकाएं हैं, कोई आधिकारिक नई समयसीमा नहीं।
आखिर क्यों अटक गई मेट्रो की रफ्तार?
परियोजना में देरी की प्रमुख वजहों में स्टेशनों का अधूरा निर्माण शामिल है। ट्रैक से जुड़े ज्यादातर काम पूरे बताए जा रहे हैं, लेकिन कई स्टेशनों पर छत, बाहरी ढांचे, फर्श और फिनिशिंग का काम अभी जारी है।
घोड़बंदर रोड के पास रहने वाले गणित के प्रोफेसर राज सुधाकर के हवाले से द इंडियन एक्सप्रेस ने बताया कि फरवरी तक मेट्रो रेक को एक स्टेशन से दूसरे स्टेशन तक ले जाया जा रहा था, लेकिन मार्च से वे खुले आसमान के नीचे खड़े हैं। उन्होंने महंगे मेट्रो उपकरणों को तैयार स्टेशनों के भीतर सुरक्षित रखने की जरूरत पर भी सवाल उठाया।
स्थानीय यात्रियों का कहना है कि बाहर से कुछ स्टेशन तैयार दिखते हैं, लेकिन अंदर कई काम बाकी हैं। कासरवडवली सहित कुछ स्थानों पर निर्माण जारी रहने की बात सामने आई है।
हादसे और मानसून ने भी बढ़ाई मुश्किल
फरवरी 2026 में मुलुंड के एलबीएस रोड पर निर्माणाधीन मेट्रो स्थल के पास पैरापेट स्लैब गिरने से एक व्यक्ति की मौत हो गई थी और तीन लोग घायल हुए थे। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार, हादसे के बाद संबंधित सहायक कार्यों के कार्यक्रम में बदलाव हुआ, जिससे परियोजना की समयसीमा पर भी असर पड़ा।
इसके अलावा मानसून के दौरान खुले में होने वाले निर्माण कार्यों की गति प्रभावित होने की आशंका है।
मोगरपाड़ा कार शेड का तैयार न होना भी एक चुनौती है। यह डिपो ट्रेनों के रखरखाव और सेवाओं की आवृत्ति बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण है। MMRDA ने अस्थायी रखरखाव व्यवस्था किए जाने की बात कही है, लेकिन डिपो के बिना बड़े स्तर पर परिचालन बढ़ाने में सीमाएं रह सकती हैं।
किन इलाकों को मिलेगा मेट्रो का फायदा?
मेट्रो लाइन 4 वडाला से कासरवडवली तक 32.32 किलोमीटर लंबी है, जबकि लाइन 4A कासरवडवली से गायमुख तक 2.88 किलोमीटर का विस्तार है। दोनों परियोजनाओं की कुल अनुमानित लागत 15,498 करोड़ रुपये बताई गई है।
पहले चरण में गायमुख से कैडबरी जंक्शन तक लगभग 10.5 किलोमीटर हिस्से पर 10 स्टेशनों के साथ आंशिक सेवा शुरू करने का लक्ष्य है।
इस कॉरिडोर से घोड़बंदर रोड, ओवले, गायमुख, कासरवडवली, माजीवाड़ा, पाटलीपाड़ा और कैडबरी जंक्शन जैसे इलाकों के यात्रियों को लाभ मिलने की उम्मीद है। वडाला की ओर यह नेटवर्क मुंबई की अन्य सार्वजनिक परिवहन सेवाओं से जुड़ने में भी मदद कर सकता है।
यात्रा का समय 50 से 75 फीसदी घटने का अनुमान
MMRDA के अनुमान के मुताबिक, मेट्रो शुरू होने के बाद 2031 तक प्रतिदिन 13 लाख से अधिक यात्रियों के इसके इस्तेमाल की संभावना है। प्रमुख मार्गों पर यात्रा का समय 50 से 75 फीसदी तक घटने का अनुमान भी जताया गया है। फिलहाल घोड़बंदर रोड और एलबीएस रोड पर पीक आवर्स में ट्रैफिक के कारण यात्रियों को परेशानी होती है। ऐसे में मेट्रो का परिचालन शुरू होना सड़क यातायात का दबाव कम करने की दिशा में अहम कदम हो सकता है।
क्या भारत का सबसे लंबा एलिवेटेड मेट्रो कॉरिडोर बनेगा?
लाइन 4 और 4A को मुंबई महानगर क्षेत्र में प्रस्तावित बड़े एलिवेटेड मेट्रो नेटवर्क का हिस्सा माना जा रहा है। सभी चरणों और विस्तारों के पूरा होने पर यह नेटवर्क लगभग 58 किलोमीटर तक फैलेगा और मेट्रो लाइन 5, 6, 10 और 11 से जुड़ने की योजना है। पूरे नेटवर्क के तैयार होने पर इसे भारत के सबसे लंबे एलिवेटेड मेट्रो कॉरिडोर के रूप में विकसित करने की परिकल्पना है। हालांकि, यह भविष्य की योजना है; फिलहाल यात्रियों की निगाहें पहले चरण के परिचालन पर टिकी हैं।
अब यात्रियों को नवंबर का इंतजार
RDSO से प्रमाणन मिलना परियोजना की दिशा में ठोस प्रगति है, लेकिन अंतिम सुरक्षा मंजूरी, स्टेशन निर्माण और रखरखाव की व्यवस्था पूरी होना अभी अहम है। नवंबर 2026 MMRDA का मौजूदा लक्ष्य है, परिचालन शुरू होने की गारंटी नहीं। थाणे के यात्रियों के लिए मेट्रो की असली शुरुआत उस दिन होगी, जब उन्हें धूल से ढकी खड़ी ट्रेनें नहीं, बल्कि रोजाना चलती मेट्रो दिखाई देगी।
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