Tiger Shroff Firing Case: मुंबई में अभिनेता टाइगर श्रॉफ से जुड़े फायरिंग मामले में हथियारों की सप्लाई को लेकर एक नया खुलासा सामने आया है। सूत्रों का दावा है कि इस मामले में हथियार पहुँचाने के लिए ‘डेड लेटर बॉक्स’ का इस्तेमाल किया गया। यह एक ऐसा तरीका होता है, जिसमें सामान या संदेश किसी तय स्थान पर छोड़ दिया जाता है, ताकि उसे पहुँचाने वाले और प्राप्त करने वाले को सीधे संपर्क में न आना पड़े।
"डेड लेटर बॉक्स" नामक प्रणाली का किया गया उपयोग
दरअसल, अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर गोलीबारी की घटना की जांच कर रहे जांचकर्ताओं ने एक कथित हथियार आपूर्ति नेटवर्क के विवरण का खुलासा किया है। जिसमें आग्नेयास्त्रों को "डेड लेटर बॉक्स" नामक प्रणाली के माध्यम से अमृतसर में एक पूर्व-निर्धारित स्थान से एकत्र किया गया था। इस मामले में जांच एजेंसियों ने अमृतसर से हथियार लाने और उन्हें मुंबई तक पहुँचाने में कथित रूप से शामिल लोगों का भी जिक्र किया है।
एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग एप्लिकेशन का किया था इस्तेमाल
कुणाल और सुमित के रूप में पहचाने गए दो आरोपी हथियार इकट्ठा करने के लिए लगभग दो सप्ताह पहले अमृतसर गए थे। कथित तौर पर उन्हें अनिल पंडित द्वारा पहले से ही स्थान दिया गया था, जो एक एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग एप्लिकेशन के माध्यम से कुणाल के संपर्क में था। ये ऐसा ऐप्स हैं जो आपकी चैट्स, कॉल्स और मीडिया को सुरक्षित रखने के लिए एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन का उपयोग करते हैं। यानी आपके द्वारा भेजा गया मैसेज केवल आप और जिसे आपने मैसेज भेजा है, वही पढ़ सकते हैं। यहाँ तक कि ऐप बनाने वाली कंपनी या सरकार भी आपके मैसेज नहीं देख सकती।
70,000 से 80,000 रुपये के बीच किया था भुगतान
दरअसल, एक "डेड लेटर बॉक्स" एक पूर्व-व्यवस्थित स्थान को संदर्भित करता है जहां एक वस्तु को दो व्यक्तियों के मिलने के बिना, किसी अन्य व्यक्ति को इकट्ठा करने के लिए छोड़ दिया जाता है। सूत्रों के मुताबिक, अनिल पंडित ने कथित तौर पर इस कार्य के लिए उन्हें 70,000 रुपये से 80,000 रुपये के बीच भुगतान किया। इस राशि में से, लगभग 10,000 रुपये से 12,000 रुपये कथित तौर पर दो महिलाओं को दिए गए थे, जिनकी पहचान बबीता और राधा के रूप में की गई थी, जिन्हें मुंबई में हथियार पहुंचाने का काम सौंपा गया था।
इस मामले में कुणाल-सुमित के साथ दो महिलाएं भी थी शामिल
कुणाल इसी साल जुलाई में सोनीपत जेल से रिहा हुए थे। उनकी रिहाई के बाद, एक दोस्त ने कथित तौर पर उन्हें अनिल पंडित से मिलवाया, जिसके बाद दोनों ने एक एन्क्रिप्टेड एप्लिकेशन के माध्यम से संवाद करना शुरू कर दिया। लगभग दो हफ्ते पहले, अनिल पंडित ने कथित तौर पर कुणाल को अमृतसर से हथियार इकट्ठा करने और मुंबई तक उनके परिवहन की व्यवस्था करने का काम सौंपा था। जांचकर्ताओं को संदेह है कि कुणाल ने हथियारों को पहुंचाने के लिए अपनी प्रेमिका राधा का इस्तेमाल किया। कथित तौर पर राधा और बबीता सोनीपत की एक फैक्ट्री में काम करती हैं। कुणाल करीब दो महीने पहले राधा से मिला था और वह उसके अनुरोध पर बबीता के साथ मुंबई गई थी।
मामले की जांच जुटी है मुंबई क्राइम ब्रांच
दरअसल, अभिनेता टाइगर श्रॉफ केस फायरिंग मामले में सामने आए आरोपों की जांच मुंबई क्राइम ब्रांच कर रही है। हालांकि, इस मामले में इस तरीके का कथित इस्तेमाल कैसे हुआ और इसमें कौन-कौन शामिल था, इसकी पूरी जानकारी आधिकारिक जांच के बाद ही पूरी तरह साफ होगी।
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