Kolkata Durga Puja Stampede: मां दुर्गा के दर्शन की उम्मीद लेकर घरों से निकले लोगों ने शायद ही सोचा होगा कि उत्सव की एक शाम उनके परिवारों के लिए जिंदगी भर का दर्द बन जाएगी। पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के चोरबागान स्थित सार्वजनिक दुर्गा पूजा पंडाल में रविवार शाम भगदड़ मचने से 19 लोगों की मौत हो गई, जबकि 25 लोग घायल हो गए। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के मुताबिक, मृतकों में ज्यादातर बच्चे और महिलाएं हैं। हादसे में 17 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई थी। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जिनमें एक की हालत गंभीर बताई गई है।
बारिश, भीड़ और संकरा निकास द्वार… कैसे बेकाबू हुए हालात?
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, हादसे के वक्त पंडाल में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ थी। इसी दौरान तेज बारिश के बीच लोगों की आवाजाही बढ़ने से स्थिति बिगड़ गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पंडाल का प्रवेश और निकास द्वार संकरा था। भीड़ बढ़ने के साथ लोगों के लिए बाहर निकलना मुश्किल हो गया और देखते ही देखते अफरा-तफरी मच गई।
एक पीड़ित परिवार के सदस्य ने बताया कि उनकी बहन अपने चाचा-चाची और छोटी बहन के साथ पूजा पंडाल गई थी। परिवार के मुताबिक, जब वे बाहर निकल रहे थे, तभी भगदड़ मच गई। इस हादसे में 28 वर्षीय युवती की जान चली गई। इस घटना ने पंडालों में भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा इंतजामों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि, भगदड़ की सटीक वजह का पता जांच पूरी होने के बाद ही चलेगा।
अस्पताल पहुंचे मुख्यमंत्री, जांच और सुरक्षा व्यवस्था पर सख्ती
हादसे की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी और मुख्य सचिव मनोज अग्रवाल घायलों का हाल जानने कलकत्ता मेडिकल कॉलेज पहुंचे। मुख्यमंत्री ने घटना पर दुख जताते हुए कहा कि सरकार पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है और घायलों के इलाज में कोई कमी नहीं आने दी जाएगी।
मुख्यमंत्री के अनुसार, मृतकों के परिजनों को 25 लाख रुपये की आर्थिक सहायता और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने का ऐलान किया गया है। घायलों को पांच-पांच लाख रुपये की मदद दी जाएगी। इसके अलावा, राज्य सरकार घायलों के इलाज का पूरा खर्च भी उठाएगी।
#कोलकाता के चोरबागान में दुर्गा पूजा पंडाल हादसे में 19 लोगों की मौत, 25 घायल। पश्चिम बंगाल के CM सुवेंदु अधिकारी ने बताया कि 17 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। 24 घायलों की हालत खतरे से बाहर है, जबकि एक की हालत गंभीर बनी हुई है। @SuvenduWB #Kolkata #WestBengal #DurgaPuja #BreakingNews #KolkataNews
— TNP NEWS (@TNPNEWS1) October 18, 2026
मुख्यमंत्री ने सभी दुर्गा पूजा समितियों से पुलिस के साथ समन्वय बनाकर काम करने और पंडालों में पर्याप्त निकास मार्ग सुनिश्चित करने की अपील की। उन्होंने कहा कि घटना की जांच के लिए तथ्य-जांच समिति गठित करने के संबंध में कलकत्ता हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखा जाएगा। जांच में एसटीएफ और फॉरेंसिक टीम की मदद भी ली जाएगी।
पीएम मोदी ने जताया दुख, मृतकों के परिजनों को 2 लाख की मदद
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोलकाता में हुई इस त्रासदी पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताते हुए घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की। प्रधानमंत्री की ओर से मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की गई।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से बात कर घटना की जानकारी ली। उन्होंने घायलों के बेहतर इलाज की कामना करते हुए पश्चिम बंगाल के अपने निर्धारित कार्यक्रम स्थगित कर दिए। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, वह घायलों से मिलने अस्पताल भी जाएंगे।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी हादसे पर दुख जताया। राहुल गांधी ने प्रशासन से घायलों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराने और घटना की निष्पक्ष जांच कराने की अपील की।
हेल्पलाइन नंबर जारी, पंडाल श्रद्धालुओं के लिए बंद
कोलकाता पुलिस के मुताबिक, गिरीश पार्क थाना क्षेत्र के अंतर्गत शारदा पार्क स्थित चोरबागान पूजा पंडाल के निकास द्वार पर भारी भीड़ के बीच भगदड़ मची। हादसे के बाद पंडाल को श्रद्धालुओं के लिए बंद कर दिया गया और घायलों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।
प्रशासन ने प्रभावित लोगों की सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं।
राज्य सरकार हेल्पलाइन: 18003455678
कोलकाता पुलिस हेल्पलाइन: 03322141310
सुरक्षा पर सवाल, सियासत भी तेज
हादसे के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति में भी आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गए हैं। कांग्रेस ने सरकार को राहत कार्यों में सहयोग देने की बात कही, लेकिन साथ ही पुलिस की मौजूदगी और आपातकालीन व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए। पार्टी ने पीड़ित परिवारों को मुआवजा देने और उनके लिए रोजगार की व्यवस्था करने की मांग भी की।
वहीं, तृणमूल कांग्रेस ने भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा इंतजामों को लेकर भाजपा सरकार को घेरा। दूसरी ओर, मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल में हुए हादसों का जिक्र करते हुए विपक्ष पर त्रासदी का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाया।
फिलहाल, सबसे बड़ा सवाल यही है कि जिस पंडाल में लोग मां दुर्गा के दर्शन करने पहुंचे थे, वहां हालात इतने बेकाबू कैसे हो गए कि 19 लोगों की जान चली गई। अब जांच से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि हादसे के पीछे किन परिस्थितियों और सुरक्षा संबंधी चूकों की भूमिका रही।
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