मध्यप्रदेश: मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह आज 20 अक्टूबर को विजयादशमी के अवसर पर उज्जैन से अयोध्या तक ‘सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा’ निकालेंगे। यह पदयात्रा उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर से शुरू होकर करीब 930 किलोमीटर का सफर तय करते हुए अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर तक पहुंचेगी। यह यात्रा मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश के कई शहरों के विभिन्न मार्ग से होकर गुजरेगा। इस पदयात्रा के दौरान धार्मिक संस्थानों में पारदर्शिता, मंदिरों के चढ़ावे और दान का हिसाब, तथा मतदाता अधिकारों जैसे मुद्दे पर सवाल उठाए जाएंगे।

दिग्विजय सिंह यात्रा के दौरान इन मुद्दों पर करेंगे चर्चा

दिग्विजय सिंह की ‘सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा’ दो प्रमुख मुद्दों पर केंद्रित रहेगी। पहला, ‘वोट चोरी’, जिसके जरिए वे लोकतंत्र और निष्पक्ष चुनाव व्यवस्था से जुड़े सवाल उठाएंगे और दूसरा, ‘चंदा चोरी’, जिसके जरिए धार्मिक आस्था और विश्वास से जुड़े मुद्दे उठाए जाएंगे। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य इन्हीं विषयों पर चर्चा करते हुए लोगों के बीच जनजागृति लाना है।

यात्रा का प्रस्तावित मार्ग:

मध्यप्रदेश: उज्जैन, तराना, शाजापुर, सारंगपुर, खुजनेर, राजगढ़, चाचौड़ा, आरोन, अशोकनगर और चंदेरी।
उत्तरप्रदेश और बुंदेलखंड क्षेत्र: तालबेहट, जेरोन, ओरछा, चिरगांव, उरई, कालपी, कानपुर देहात, लखनऊ देहात और बाराबंकी।
समापन: अयोध्या स्थित श्रीराम मंदिर। इसके साथ ही इस यात्रा के दौरान ओरछा के रामराजा सरकार मंदिर में भी दर्शन किए जाएंगे।

शिवधाम से रामधाम तक यह यात्रा करेंगे दिग्विजय

इस यात्रा के संदर्भ में दिग्विजय सिंह ने कहा कि, हम शिवधाम से रामधाम तक यह यात्रा कर रहे हैं। जिस प्रकार देश में धर्म को हथियार के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है,वह अधार्मिक और असंवैधानिक है। यह हमारी आस्था के साथ धोखा है। इसी के खिलाफ आज जनजागृति के उद्देश्य से यह यात्रा निकाली जा रही है।

संपत्तियों के प्रबंधन में पारदर्शिता की करेंगे मांग

इस संदर्भ में दिग्विजय सिंह ने कहा कि इस यात्रा के माध्यम से लोगों तक यह संदेश पहुंचाना चाहते हैं कि सनातन धर्म सर्वव्यापी है और सर्वधर्म समभाव इसका आधार है। उन्होंने कहा कि, इस यात्रा का उद्देश्य सनातन धर्म के मूल आदर्शों- सत्य, न्याय, सदाचार, सेवा और सद्भाव को बढ़ावा देना तथा धार्मिक स्थलों के दान और संपत्तियों के प्रबंधन में पारदर्शिता की मांग करना है। उन्होंने कहा कि चुनावी प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं पर भी जवाबदेही की मांग को यात्रा से जोड़ा गया है। इसके साथ ही लोगों के मताधिकार छीने जाने के मुद्दे पर भी वे जनता के बीच जाएंगे। इस यात्रा से पहले दिग्विजय सिंह ने उज्जैन में रथ का पूजन किया।

ये भी पढ़ें-दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की दशहरा एडवाइजरी जारी, घर से निकलने से पहले जान लें जरूरी अपडेट