Himachal Pradesh News: हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला नगर निगम में आज कार्रवाही के दौरान जोरदार हंगामा देखने को मिला। अब आप यह कहंगे की जब आमने बीजेपी और कांग्रेस होंगे तो हंगामा होना तय है। आपको बता दें कि इस बार हंगामे की असली वजह महापौर के नाम की पट्टिका और पिछली बैठक की कार्यवाही से विधायक का नाम हटाने के मुद्दे से गहमागहमी शुरू हुई। देखते ही देखते दोनों पक्षों के विधायक अपनी सीटों पर खड़े हो गए जिसके बाद स्थिति महासंग्राम की जैसी बन गई।
महापौर के नाम की पट्टिका से शुरू हुआ विवाद
धर्मशाला में नगर निगम के दूसरे जनरल हाउस में निर्माण कार्यों की गुणवक्ता, विकास कार्यों में देरी, पार्किंग और सफाई व्यवस्था जैसे मुद्दे को लेकर पार्षदों ने प्रशासन को आडे हाथ ले लिया। करीब तीन महीने बाद महापौर शमशेर नेहरिया की अध्यक्षता में बैठक हुई।
इसमें महापौर के नाम की पट्टिका लगाने और पिछली बैठक की कार्यवाही से विधायक का नाम हटाने का मामला जोरो शोरों से उठाया गया। भाजपा और कांग्रेस के पार्षदों के बीच तीखी बहसबाजी शुरु हो गई। धीरे-धीरे विवाद इतना ज्यादा बढ़ गया था कि विधायकों को अपनी सीटों पर ही खड़े होकर मामले को शांत करना पड़ा।
ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट करने की बात
बैठक में विकास कार्यों को समय पर पूरा कराने और लापरवाही बरतने वाले ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई करने पर जोर दिया गया। क्योंकि तय समय पर निर्माण कार्यों को शुरु नहीं किया गया। कार्यों को लटकाने वाले ठेकेदारों पर शिकंजा कसने का फैसला लिया गया। लापरवाही करने वाले ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट करने की बात तक कह दी गई। साथ ही ठेकेदार को एक समय में 2 से ज्यादा काम न देने का प्रस्ताव रखा गया।
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