Delhi Ramlila Security: दिल्ली के पश्चिमी जिले में रामलीला के आयोजनों को लेकर पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। जिले में 41 स्थानों पर रामलीला का आयोजन हो रहा है, जहां पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। CCTV कैमरों से निगरानी के साथ लोगों की सुरक्षा और शिकायतों के समाधान पर भी जोर दिया जा रहा है। इसके लिए रामलीला स्थलों पर जागरूकता कियोस्क लगाए गए हैं, जहां लोगों को महिला सुरक्षा, साइबर ठगी और नशे से जुड़े खतरों के प्रति जागरूक किया जा रहा है।

41 रामलीला स्थलों पर पुलिस की तैनाती
पश्चिमी दिल्ली के जिला पुलिस उपायुक्त (DCP) अभिषेक गुप्ता ने बताया कि जिले में 41 स्थानों पर रामलीला आयोजित की जा रही है। त्योहार के दौरान कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए पुलिसकर्मियों को विशेष रूप से तैनात किया गया है। पुलिस लोगों से अपील कर रही है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें।

CCTV कैमरों से प्रवेश द्वार से मंच तक निगरानी
तिलक नगर की ACP गरिमा तिवारी के मुताबिक, रामलीला स्थलों पर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। प्रवेश और निकास द्वार से लेकर मंच तक CCTV कैमरों के जरिए निगरानी की जा रही है। पुरुष और महिला पुलिसकर्मी भी तैनात हैं, जो कार्यक्रम खत्म होने और लोगों के सुरक्षित बाहर निकलने तक ड्यूटी पर रहेंगे।

इन 4 खतरों को लेकर किया जा रहा अलर्ट
महिला सुरक्षा: महिलाओं के खिलाफ अपराधों को लेकर सतर्कता और मदद लेने के तरीकों की जानकारी।
साइबर सुरक्षा: ऑनलाइन ठगी से बचने और संदिग्ध गतिविधियों की रिपोर्ट करने के उपाय।
नशे के खिलाफ जागरूकता: युवाओं को नशे से दूर रहने और नशे से जुड़ी गतिविधियों की सूचना पुलिस को देने के लिए प्रेरित करना।
जन शिकायत निवारण: स्थानीय समस्याओं और शिकायतों को पुलिस अधिकारियों तक पहुंचाने के लिए प्रोत्साहित करना।

रामलीला शुरू होने से दो घंटे पहले पहुंचती है पुलिस
राजौरी गार्डन के ACP शरद चंद्र निर्मल ने बताया कि प्रमुख रामलीला स्थलों पर जागरूकता कियोस्क लगाए गए हैं। पुलिसकर्मी कार्यक्रम शुरू होने से करीब दो घंटे पहले पहुंचकर लोगों को सुरक्षा संबंधी जानकारी देते हैं। पुलिस का कहना है कि इस अभियान का उद्देश्य त्योहार के दौरान लोगों को सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराने के साथ-साथ अपराधों के प्रति जागरूक बनाना भी है।

पुलिस के अनुसार, हर शनिवार को जनसुनवाई भी आयोजित की जाती है। लोग इस दौरान अपनी स्थानीय समस्याएं और जरूरी सूचनाएं थाना प्रभारी या वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचा सकते हैं। रामलीला के दौरान सुरक्षा और जागरूकता पर यह विशेष जोर इसलिए दिया जा रहा है, ताकि श्रद्धालु बिना किसी परेशानी के उत्सव में शामिल हो सकें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर समय रहते कार्रवाई की जा सके।  

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