नई दिल्ली: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार 21,अक्टूबर को नई दिल्ली में पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर देश की सुरक्षा और सेवा में अपने प्राणों की आहुति देने वाले पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर कुल 36,852 पुलिस शहीदों को सम्मानपूर्वक याद किया गया, जबकि वीरता की दीवार (Wall of Valour) में 154 नए शहीद पुलिसकर्मियों के नाम जोड़े गए।
पुलिसकर्मियों के साहस और बलिदान का प्रतीक
यह कार्यक्रम देश की आंतरिक सुरक्षा, कानून-व्यवस्था और नागरिकों की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान देने वाले पुलिसकर्मियों के योगदान को सम्मान देने के लिए आयोजित किया गया। इस दौरान पुलिस बलों के शहीदों के नाम राष्ट्रीय पुलिस स्मारक की वॉल ऑफ वैलर पर अंकित किए गए। यह स्मारक देश की स्वतंत्रता के बाद कर्तव्य निभाते हुए जान गंवाने वाले पुलिसकर्मियों के साहस और बलिदान का प्रतीक है।
1959 में लद्दाख के हॉट स्प्रिंग्स पर शहीद हो देश की रक्षा की
दरअसल, पुलिस स्मृति दिवस पर शहीदों को याद करना उनके साहस, कर्तव्यनिष्ठा और देश के प्रति समर्पण को नमन करने का अवसर है। 21 अक्टूबर 1959 को लद्दाख के हॉट स्प्रिंग्स में चीनी सैनिकों के घात लगाकर किए गए हमले में 10 पुलिसकर्मी शहीद हुए थे। उन्हीं की स्मृति में हर साल 21 अक्टूबर को पुलिस स्मृति दिवस मनाया जाता है।
36,852 शहीदों को श्रद्धांजलि दी और 154 के नाम जोड़े
इस अवसर पर अमित शाह ने याद दिलाते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2018 में देश भर में ड्यूटी के दौरान शहीद हुए उन सभी पुलिस कर्मियों को समर्पित सम्मान देने के लिए राष्ट्रीय पुलिस स्मृति दिवस का उद्घाटन किया था। शाह ने कहा कि इसके पीछे उद्देश्य यह है कि पुलिस कर्मियों की आने वाली पीढ़ियां यहां से प्रेरणा लें, अपनी जिम्मेदारियों के प्रति हमेशा सतर्क रहें और अपनी ड्यूटी निभाते हुए सर्वोच्च बलिदान देने के लिए तैयार रहें। शाह ने कहा कि यह जगह 36,852 शहीदों को श्रद्धांजलि देने के लिए पूरे देश के लोगों के लिए तीर्थस्थल बन गई है और इस साल शहीदों की लिस्ट में 154 और पुलिसवालों के नाम जोड़े गए हैं।