मध्य प्रदेश: मध्य प्रदेश के इंदौर में गरबा पंडाल में एक नाबालिग लड़की के साथ कथित बदसलूकी और धक्का-मुक्की का मामला सामने आया है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने भाजपा के स्थानीय नेता कमल चौहान के खिलाफ पॉक्सो एक्ट समेत अन्य धाराओं में FIR दर्ज की है। वहीं, भाजपा ने भी मामले को गंभीरता से लेते हुए नेता से जवाब मांगा है। उन्हें तीन दिन के भीतर स्पष्टीकरण देने का नोटिस जारी किया गया है।
गरबा पंडाल में एंट्री को लेकर हुआ विवाद
मामला इंदौर के हीरानगर थाना क्षेत्र में स्थित कनकेश्वरी मैदान के गरबा पंडाल का है। घटना 15 अक्टूबर की रात की बताई जा रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, 15 वर्षीय किशोरी अपने परिजनों के साथ गरबा कार्यक्रम में पहुंची थी। उसकी छोटी बहन वहां गरबा कर रही थी। इसी दौरान पंडाल में प्रवेश को लेकर विवाद शुरू हो गया।
आरोप है कि आयोजन की व्यवस्था संभाल रहे भाजपा के जीजाबाई मंडल अध्यक्ष कमल चौहान ने किशोरी के साथ धक्का-मुक्की की और उसे बाहर जाने के लिए कहा। इस दौरान लड़की और उसके परिजनों के साथ उनकी बहस भी हुई। घटना का वीडियो सामने आने के बाद मामला चर्चा में आ गया।
वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने दर्ज किया केस
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में कथित तौर पर कमल चौहान किशोरी को धक्का देते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने मामले का संज्ञान लिया और किशोरी की शिकायत पर कार्रवाई की।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 74 और 75 के साथ पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। धारा 74 महिला की गरिमा भंग करने के इरादे से हमला या आपराधिक बल के इस्तेमाल से संबंधित है, जबकि धारा 75 यौन उत्पीड़न से जुड़ी है।
भाजपा ने तीन दिन में मांगा जवाब
मामले में भाजपा ने भी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की है। पार्टी के इंदौर महानगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा ने कमल चौहान को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। उनसे तीन दिन के भीतर अपना पक्ष रखने को कहा गया है। नोटिस में उनके कथित आचरण को पार्टी की विचारधारा और पद की जिम्मेदारियों के अनुरूप नहीं बताया गया है।
वहीं, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने भी मामले में स्पष्टीकरण मांगा है। जवाब मिलने के बाद पार्टी आगे की अनुशासनात्मक कार्रवाई पर फैसला ले सकती है।
कांग्रेस ने की सख्त कार्रवाई की मांग
वीडियो सामने आने के बाद कांग्रेस ने भी इस मामले को लेकर भाजपा पर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस की ओर से आरोपी नेता के खिलाफ सख्त संगठनात्मक कार्रवाई की मांग की गई है। विपक्ष ने इस घटना को लेकर पार्टी की जवाबदेही पर सवाल उठाए हैं।
फिलहाल, पुलिस मामले की जांच कर रही है। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, FIR दर्ज होने के समय आरोपी की गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं हुई थी। मामले में आगे की कार्रवाई पुलिस जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर होगी।
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