पश्चिम बंगाल: पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में दुर्गा पूजा पंडाल में मची भगदड़ के बाद प्रशासन एक्शन में आ गया है। इस हादसे में 19 लोगों की मौत हो गई। मामले में पुलिस ने सात लोगों को गिरफ्तार किया है। वहीं, कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रभावित इलाके में तीन दिनों तक भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू की गई है।

यह हादसा शनिवार शाम को उत्तर कोलकाता के चोरबागान इलाके में दुर्गा पूजा पंडाल के बाहर हुआ। उस समय पंडाल में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ मौजूद थी। बारिश के दौरान भीड़ बढ़ने से अफरा-तफरी मच गई और देखते ही देखते भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। इस दौरान कई लोग गिरकर घायल हो गए।

हादसे के बाद 7 लोगों की गिरफ्तारी

घटना के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए सात लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस हादसे के कारणों का पता लगाने में जुटी है। जांच में भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था और संभावित लापरवाही जैसे पहलुओं पर ध्यान दिया जा रहा है। घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज की मदद से भी घटना की परिस्थितियों को समझने की कोशिश की जा रही है।

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तीन दिन तक लागू रहेगी धारा 163

हादसे के बाद प्रशासन ने संबंधित इलाके में तीन दिनों तक धारा 163 लागू करने का फैसला किया है। इसका उद्देश्य इलाके में शांति बनाए रखना और किसी भी अप्रिय घटना को रोकना है। इस धारा के तहत प्रशासन जरूरत के मुताबिक लोगों के इकट्ठा होने और कुछ गतिविधियों पर प्रतिबंध लगा सकता है।

घायलों का इलाज जारी

हादसे में घायल लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है। घटना के बाद प्रशासन राहत और बचाव व्यवस्था के साथ-साथ सुरक्षा इंतजामों पर भी ध्यान दे रहा है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों की भूमिका का पता लगाया जा रहा है।

फिलहाल, इस घटना के बाद दुर्गा पूजा पंडालों में भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं। प्रशासन के सामने अब कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ भविष्य में इस तरह के हादसों को रोकने की चुनौती है।

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